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असुरक्षित हो गई बेटियां कब रुकेंगें अत्याचार-नरेन्द्र भारती

देश में बेटियां हर जगह असुरक्षित महसूस कर रही हैं। बेटियों की सुरक्षा के दावे कहां है। यह एक यक्ष प्रशन है यह सुलगते प्रशन है कि बेटियां कब सुरक्षित होगी। ताज़ा घटनाक्रम वाराणसी में घटित हुआ है जहाँ बीएचयू परिसर कुछ गुंडों द्वारा एक लड़की के साथ अश्लील हरकते करना व और वीडियो बनाना की घटना सामने आई हैl …

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आटा ले लो आटा ,मोदी ब्रांड सस्ता आटा-राकेश अचल

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने सस्ता आटा,सस्ती दाल लांच कर एक नेक काम किया है। सरकार की ये जनकल्याणकारी योजना है क्योंकि देश में अब एक तरफ अडानी का फार्च्यून आटा आम जनता का खून पी रहा है तो दूसरी तरफ अडानी दाल। ऐसे में अडानी के कान खींचने के बजाय सरकार ने अपनी ही …

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संविधान की धज्जियाँ ‘राजनीति’ में धर्म का प्रवेश शीर्ष स्तर-ओमप्रकाश मेहता

क्या आजादी के पचहत्तर साल बाद भी देश के नामचीन राजनीतिक दल मतदाताओं का मनोविज्ञान समझ नहीं पाए है और इसीलिए आज भी उसी पुराने ढर्रे से चुनाव जीत हासिल करना चाहते है? आज यह सवाल इसलिए सहज रूप से सामने आ रहा है, क्योंकि राजनीतिक दल और उसके ‘‘सर्वगुण सम्पन्न’’ नेता अभी भी भारत के मतदाताओं को ‘धर्मभिरू’ ही …

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मिलावटी मिठाइयां : कहीं रंग में भंग न कर दें -सुशील देव

त्योहार कोई भी हो, मीठा न हो तो सब फीका रह जाता है। मगर इस मीठे की जगह जहर हो तो कल्पना कीजिए, क्या होगा? सब रंग-भंग हो जाएगा। इस दीपावली में कहीं ऐसा न हो कि आप जिन्हें उपहार में मिठाई दे रहे हैं, उनमें कुछ जहर जैसा तो नहीं?जरा सोचिए, आखिर हम उनका मुंह मीठा करा रहे हैं, …

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भाजपा में दूसरी पार्टियों पर नजरिया -हरिशंकर व्यास

भारतीय जनता पार्टी ने राजनीतिक दलों की कई श्रेणियां बना रखी हैं। एक श्रेणी ऐसी पार्टियों की है, जिनके साथ भाजपा के अतीत में अच्छे संबंध रहे हैं या वह पार्टी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में रही है। ऐसी पार्टियों के फिर से एनडीए में लौटने का रास्ता खुला रहता है। दूसरी श्रेणी ऐसी पार्टियों की है, जो पहले …

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