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मजेदार जोक्स: संपादक महोदय रोहन जी

अब्बू (अखबार का नया अंक दिखाते हुए): संपादक महोदय रोहन जी, पूरा अखबार छपने के लिए तैयार है। बस अंतिम पृष्ठ पर एक कॉलम में सात-आठ पंक्तियों की जगह बच गई है। क्या करूँ ? कहाँ से ख़बर लाऊँ ? रोहन(झल्लाते हुए): अबे इतनी छोटी-सी बात के लिए ख़बर लाने की क्या ज़रूरत है? जो मैं कहता हूँ वो छाप। …

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मजेदार जोक्स: आज़ादी से पहले ये शेर बड़ा

अब्बू : आज़ादी से पहले ये शेर बड़ा लोकप्रिय था– शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पे मिटने वालों का, बाकी यही निशाँ होगा रोहन: लेकिन आजादी के बाद अब सारा माज़रा ही बदल गया है छोटे — भ्रष्ट नेताओं के दर पर लगेंगे हर बरस मेले वतन को लूटने वालों का , बाकी यही निशाँ होगा😜😂😂😂😛🤣 …

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मजेदार जोक्स: अपना पूरा परिचय दो

रवि (सरदार बने अब्बू से ): ऐ सरदार जी, तुम कौन हो ? कहाँ से आये ? अपना पूरा परिचय दो। अब्बू : क्लेवर लॉयन फ्रॉम क्लेवर पुर। रवि: ज़्यादा होशियार बनता है। हिंदी में बता। अब्बू : होशियार सिंह, होशियारपुर से। रवि: ठीक है। ठीक है। त्वाडे प्यो दा ना की है ? अब्बू : थाउजेंड लॉयन। रवि: मतबल …

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मजेदार जोक्स: रोहित ग्रीटिंग कार्ड की दुकान पर

रोहित ग्रीटिंग कार्ड की दुकान पर पहुँचा और कार्ड देखने लगा. सेल्सगर्ल पास आई और बोली सर, किसके लिए चाहिए कार्ड? अपनी प्रेमिका के लिए – नसरूद्दीन ने कहा. सेल्सगर्ल ने एक कार्ड निकाला और मुल्ला को दिखाते हुए कहा – ये देखिये, इसमें कितना सुंदर लिखा है – मेरी एकमात्र प्रेमिका के लिए जिसे मैं जी जान से चाहता …

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मजेदार जोक्स: जयराम की तो मैं घरवाली हूँ

मोनू-अब्बू (दोनों सामने अनजान बुढ़िया को देखते हुए एक साथ बोले) : ताई, जयराम जी की। बूढी (भड़कते हुए): अरे नाशपीटों, जयराम की तो मैं घरवाली हूँ। ताई तो तुम्हारी लगूंगी। मोनू-अब्बू (दोनों फिर से एक साथ बोले) : वही तो कह रहे हैं। ताई प्रभु राम जी की। बूढी (पुनः भड़कते हुए) : अरे कन्जरों, प्रभुराम जी तो मेरे …

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