युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की प्रतिबद्धता दोहरायी मंत्री मनसुख मांडविया ने

नयी दिल्ली (एजेंसी/वार्ता): केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री मनसुख मांडविया ने युवा पीढ़ी की गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुधारने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा है कि देश में शिक्षा के क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन लाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

मांडविया ने यहां संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि वर्ष 2014 के बाद से, देश में युवा पीढ़ी की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। देश के हर कोने में परिवर्तन होते हुए देख सकते हैं। उन्होंने कहा, “ हम देश में शिक्षा का एक समग्र इकोसिस्‍टम बनाने में सक्षम होंगे।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के ठोस प्रयासों से, पिछले आठ वर्षों में एमबीबीएस सीटों में 87 प्रतिशत और पीजी सीटों में 105 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है। देश में 2014 में सीमित संख्या में 387 मेडिकल कॉलेज थे और पूरी प्रणाली बहुत अधिक समस्याओं से भरी हुई थी। उन्होंने कहा कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण और पहुंच में सुधार के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि देश में वर्ष में 2022 में 648 मेडिकल कॉलेज हैं, जिसमें 2014 से अकेले सरकारी मेडिकल कॉलेजों (जीएमसी) की संख्या में 96 प्रतिशत और निजी क्षेत्र में 42 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। वर्तमान में, देश के 648 मेडिकल कॉलेजों में से 355 सरकारी और 293 निजी हैं। एमबीबीएस सीटों में 87 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है जो 2014 के 51,348 से बढ़कर 2022 में 96,077 हो गईं। इसी तरह, पीजी सीटों में 105 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई जो 2014 में 31,185 सीटों से बढ़कर 2022 में 63,842 हो गई हैं।

मांडविया ने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा और चयन प्रक्रिया के लिए, 2016 में एक सामान्य प्रवेश परीक्षा- ‘एक देश, एक परीक्षा, एक योग्यता’ प्रणाली और एक सामान्य काउंसलिंग प्रणाली के साथ राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) शुरू की गई थी। यह किसी भी छात्र को योग्यता के आधार पर देश के किसी भी मेडिकल कॉलेज में अध्ययन करने की इजाजत देती है।

-एजेंसी/वार्ता

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