मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनेता अपना रहे हैं चुनाव प्रचार के अलग-अलग तरीके

तेलंगाना में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राजनेता सड़क के किनारे भोजनालय में डोसा बनाने और खेत में फसल काटने से लेकर सैलून में कैंची चलाने का हुनर आजमाने तक, मतदाताओं को प्रभावित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

चाहे स्थानीय उम्मीदवार हों, या उनके लिए प्रचार करने वाले उनकी पार्टी के नेता हों, मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए वे तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, खासकर तब, जब मीडिया आसपास हो।

पिछले महीने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तेलंगाना में अपने चुनाव अभियान ‘विजयभेरी’ के दौरान एक डोसे वाले की गुमटी पर रुके और डोसा बनाया। बाद में गांधी ने गुमटी के मालिक से भी बातचीत की।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी चुनाव प्रचार के लिए ‘पद यात्रा’ के दौरान अपने समर्थकों के साथ एक भोजनालय में बैठकर इडली और डोसे का आनंद लिया।

तेलंगाना के मंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के उम्मीदवार पुववाड़ा अजय कुमार ने चुनाव प्रचार के दौरान खम्मम में बाल काटने का हुनर आजमाया। कुमार, खम्मम विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान खाने-पीने की दुकानों पर रुक कर चाय बनाना और बच्चों को चूमना, उन्हें नहलाना और खाना खिलाना आम दृश्य हैं।

मंत्री मल्ला रेड्डी ने मेडचल क्षेत्र में अपने चुनाव अभियान के दौरान महिलाओं के एक समूह से बात करते हुए एक बुजुर्ग महिला को उठाकर अपनी गोद में बिठा लिया। रेड्डी ने तेलंगाना की एक विशेष धुन ‘तीनमार’ पर नृत्य भी किया।

महबूबनगर सीट से बीआरएस के उम्मीदवार और मंत्री श्रीनिवास गौड़ ने एक रैली के दौरान महिलाओं को खेत में काम करते हुए देखा और अपना काफिला रोककर मूंगफली के खेत में जा कर महिलाओं के साथ फसल काटी।

गौड़ ने अपनी पार्टी का पर्चा देते हुए महिलाओं से अनुरोध किया, ‘अव्वा (दादी), कृपया कार चुनाव चिह्न (बीआरएस) को वोट दें।’

चुनाव प्रचार अभियान के दौरान उम्मीदवारों के पति/पत्नी या बच्चे भी मतदाताओं से आशीर्वाद मांगते हुए नजर आते हैं।

तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 30 नवंबर को होगा तथा वोटों की गिनती तीन दिसंबर को होगी।

– एजेंसी