जानिए कैसे लेमनग्रास जड़ी बूटी के तौर पर काम करती है

लेमनग्रास एक जड़ी बूटी है. नाम से बेशक से इसके घास होने का अहसास होता है. लेकिन यह आहार के रूप में खाने में दवा का प्रयोग करती है. एशियाई देशों मेें इसका प्रयोग भेजन के रूप में प्रयोग किया जाता है. लेमनग्रास में कई तरह के कपाउंड होते हैं. यदि इसमें पोषक तत्वों की स्थिति देखें तो यह फोलिक एसिड, फोलेट, जिंक, मैग्नीशियम, कॉपर, पोटेशियम, आयरन, फास्फोरस, मैंगनीज, कैल्शियम और विटामिन ए, बी और सी से भरा हुआ है. इसका स्वाद नींबू की तरह खट्टा, मीठा और हल्का होता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एनाल्जेसिक, एंटीडिप्रेसेंट, एंटीसेप्टिक, एंटीपीयरेटिक, एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल, कैंसर विरोधी जैसे तत्व शामिल होते हैं.

लेमनग्रास एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लामेंटरी और एंटीसेप्टक होता है. यह इम्यूनिटी को बहुत तेजी से बूस्ट करता है. इन गुणों के कारण ही कोइ सामान्य बीमारी व्यक्ति के पास नहीं फटकती है.

जिन लोगों में ब्रेन के एक्टिव न होने संबंधी समस्या होती है. उनके लिए लेमनग्रास बेहद उपयोगी है. यह दिमाग के लिए टॉनिक काम करता है. यह कांशियस और सबकांशियस दोनों माइंड को सक्रिय करता है.

आजकल की खराब लाइफ स्टाइल में लोग विभिन्न की तरह दर्द की समस्या से जूझते हैं. लेमनग्रास ऐसे लोगों के लिए पेनकिलर की तरह काम करता है. लेमनग्रास की चाय बॉडी के अलग अलग हिस्सों में होने वाले दर्द को खत्म करती है.

खाना खराब मिलने और लाइपफ स्टाइल के कारण लोगों मेें पाचन संबंधी समस्या होने लगती है. इससे कब्ज, आंतों में सूजन और अन्य परेशानी हो जाती है. लेमनग्रास इन सभी में मददकरता है.

लेमनग्रास जहां दर्द में काम आता है. वहीं, यह सूजन को कम करने में भी मदद करता है. दरअसल, लेमनग्रास में एंटी-इंफ्लेमेटरी रसायन होते हैं. यह शरीद में दर्द, सूजन को कम करने में काफी मदद करते हैं. इससे मशल्स को खासी राहत मिलती है.

कोलेस्ट्रॉल से हार्ट अटैक होने का खतरा रहता है. आजकल अधिकांश लोगों में कोलेस्ट्रॉल संबंधी समस्या देखने को मिलती है. लेमनग्रास कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है.

लेमनग्रास बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है. बॉडी में खाने और आर्गन के सही वर्किंग न करने के कारण टॉक्सिंस बनने लगते हैं. लेमनग्रास इन टॉक्सिंस को निकालने का काम करता है.

आजकल का जो माहौल है. उसमें डिप्रेशन, एंग्जाइटी होना आम समस्या है. लेमनग्रास एंटी डिप्रेसेंट गुणों से भरपूर होता है. यह ब्रेन में सेरोटोनिनन का निर्माण कर उदासी और डिप्रेशन से राहत देता है.

बहुत सार लोग मोटापे की समस्या से जूझते हैं. मोटापा कम करने के लिए तमाम तरह की दवाएं खाते हैं. यह पेट की चर्बी के निर्माण को कम करने में मदद करता है.

हीमोग्लोबिन की कमी होने आमतौर पर लोगों में देखा जाता है. ब्लड की कमी आयरन के चलते होती है. लेमनग्रास का प्रयोग आयरन की कमी में किया जा सकता है. इससे हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद मिलती है.

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