जयपुर में किराए पर वाहन उपलब्ध कराने वाली रेंट-ए-कैब और बाइक रेंटल सेवाओं पर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। आपराधिक गतिविधियों में किराए के वाहनों के संभावित दुरुपयोग को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव पचार ने बताया कि हाल के दिनों में ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि कई व्यक्ति और फर्म बिना वैध पंजीकरण एवं आवश्यक अनुमतियों के वाहन किराये पर उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे मामलों से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं तथा अपराधियों द्वारा इन सेवाओं का गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका बनी रहती है।
डॉ. पचार ने स्पष्ट किया कि किराये पर वाहन उपलब्ध कराने के व्यवसाय के लिए परिवहन विभाग से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस के संचालित होने वाली रेंटल सेवाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
पुलिस ने रेंट-ए-कैब और बाइक रेंटल कंपनियों को अपने कर्मचारियों एवं कार्मिकों का पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा ग्राहकों की पहचान और आवश्यक दस्तावेजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में जांच एजेंसियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उचित पंजीकरण, लाइसेंसिंग और सत्यापन की प्रक्रिया से न केवल अवैध रूप से संचालित सेवाओं पर रोक लगेगी, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। प्रशासन ने वाहन किराये पर देने वाले सभी संचालकों से नियमों का पालन करने और निर्धारित प्रक्रियाओं को अपनाने की अपील की है।
पुलिस का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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