कोलन कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन अगर इसे शुरुआती चरण में ही संभाल लिया जाए, तो बचाव संभव है। खान-पान में सुधार से कैंसर से बचाव संभव हो सकता है, और हाल ही में हुई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि रोजाना दही खाने से कोलन (आंतों) के कैंसर का खतरा कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस शोध के बारे में विस्तार से।
क्या कहती है स्टडी?
शोधकर्ताओं ने पाया कि दही में मौजूद विशेष प्रकार के बैक्टीरिया आंतों के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं। दही में पाए जाने वाले गुड बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) पेट की सेहत को बनाए रखते हैं और कोलन कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक होते हैं।
रिसर्च में 132,000 हेल्थ प्रोफेशनल्स पर अध्ययन किया गया, जिसमें यह निष्कर्ष निकला कि नियमित रूप से दही खाने से कोलोरेक्टल कैंसर (Colon Cancer) का जोखिम कम हो सकता है।
स्टडी में और क्या सामने आया?
✅ दही कोलन कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है।
✅ कोलन कैंसर का जल्दी पता लगाना मुश्किल होता है, क्योंकि इसके लक्षण देर से नजर आते हैं।
✅ कैंसर प्रोक्सिमल (Proximal) कोलन में हो तो इसे पकड़ पाना और भी कठिन हो जाता है।
✅ अगर इसका समय पर इलाज न हो, तो कैंसर तेजी से शरीर में फैल सकता है।
डॉक्टरों की राय क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दही और अन्य फर्मेंटेड फूड्स (Fermented Foods) शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।
✅ ये पाचन सुधारते हैं और टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं।
✅ इम्यून सिस्टम मजबूत करते हैं, जिससे बीमारियों से बचाव होता है।
✅ कोलन कैंसर के रिस्क को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
दही खाने के 5 बड़े फायदे
🥛 पाचन में सुधार – कब्ज, एसिडिटी और गैस की समस्या से राहत।
💪 इम्यूनिटी बूस्ट – बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है।
🦴 हड्डियों के लिए फायदेमंद – कैल्शियम और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत।
🦠 गुड बैक्टीरिया का सोर्स – आंतों की सेहत सुधारता है।
❄️ शरीर को ठंडक पहुंचाता है – गर्मियों में बेहद लाभकारी।
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