क्या आपने कभी सोचा है कि शरीर खुद अपनी हड्डियों और जोड़ों पर हमला कर सकता है? ऑटोइम्यून डिजीज़ से जुड़ी एक गंभीर स्थिति रूमेटॉइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis – RA) ऐसी ही एक बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से खुद के जोड़ों को नुकसान पहुंचाने लगती है। यह रोग जोड़ों में सूजन, दर्द और कठोरता का कारण बनता है, जिससे रोगी को रोज़मर्रा के काम करने में भी कठिनाई होती है।
रूमेटॉइड आर्थराइटिस क्या है?
रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही ऊतकों (Tissues) पर हमला करने लगती है। यह मुख्य रूप से जोड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन समय के साथ यह हड्डियों, मांसपेशियों और अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
रोग के लक्षण
इस बीमारी के कुछ आम लक्षण निम्नलिखित हैं:
✔ जोड़ों में सूजन और लालिमा
✔ हाथ-पैरों में जकड़न, खासकर सुबह के समय
✔ हल्का या तेज़ दर्द जो समय के साथ बढ़ सकता है
✔ थकान और कमजोरी महसूस होना
✔ तेज़ बुखार और वजन में कमी
इस बीमारी के कारण क्या हैं?
रूमेटॉइड आर्थराइटिस के सटीक कारण अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कुछ कारक इस बीमारी के खतरे को बढ़ा सकते हैं:
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आनुवंशिक कारण (Genetics) – अगर परिवार में किसी को यह बीमारी है, तो जोखिम बढ़ सकता है।
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प्रतिरक्षा प्रणाली की गड़बड़ी – शरीर का डिफेंस सिस्टम अपने ही ऊतकों को दुश्मन समझकर उन पर हमला करने लगता है।
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संक्रमण या पर्यावरणीय कारक – वायरस या बैक्टीरिया के कारण भी यह बीमारी ट्रिगर हो सकती है।
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धूम्रपान और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली – ये कारक इस रोग के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
इलाज और बचाव के उपाय
रूमेटॉइड आर्थराइटिस का पूरी तरह से इलाज संभव नहीं है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
✔ दवाइयां – सूजन और दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर विशेष दवाइयां देते हैं।
✔ फिजियोथेरेपी – जोड़ मजबूत करने और लचीलेपन को बनाए रखने में मदद करती है।
✔ संतुलित आहार – हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर भोजन करें।
✔ नियमित व्यायाम – हल्की एक्सरसाइज़ और योग करने से लक्षणों में सुधार हो सकता है।
✔ तनाव कम करें – ध्यान (Meditation) और अच्छी नींद लेना जरूरी है।
रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक गंभीर और दर्दनाक बीमारी हो सकती है, लेकिन सही समय पर इलाज और जीवनशैली में बदलाव करके इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। यदि आपके जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या जकड़न बनी रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना न भूलें।