जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नहीं मिल पाता तब इससे जुड़ी कई समस्याएं उभरने लगती हैं.विटामिन डी की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा भी पैदा हो सकता है. विटामिन डी हड्डियों की मजबूती और शरीर के कई कार्यों के लिए जरूरी मानी जाती है. यही वजह है कि शरीर में इसका पर्याप्त मात्रा में होना बहुत जरूरी है.
कुछ फूड आइटम्स जैसे- फैटी फिश और डेयरी प्रोडक्ट में विटामिन D होता है. विटामिन डी से भरपूर भोजन करके इसकी कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. बता दें कि दुनिया भर में ऐसे लोगों की संख्या बहुत बड़ी है, जिनमें विटामिन डी की कमी है. विटामिन डी की कमी से हड्डियों और मांसपेशियों की दिक्कतें पैदा होती हैं. इसकी कमी नवजात शिशुओं से लेकर बच्चों और वयस्कों तक हर किसी को प्रभावित कर सकती है. आइए जानते हैं कि कैसे पता लगाया जा सकता है कि शरीर में विटामिन D की कमी है…
मांसपेशियों की थकान महससू होना
हड्डियों का दर्द
ज्वाइंट डिफॉर्मिटीज
बच्चों की मांसपेशियों का कमजोर होना या उनमें दर्द रहना.
बार-बार बीमार या संक्रमित होना
थकान महसूस होना
पीठ में दर्द
हड्डियों को नुकसान
बालों का झड़ना
मांसपेशियों में दर्द
चिंता
विटामिन D बोन हेल्थ और इम्यूनिटी सहित शरीर के कई जरूरी कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ये कैंसर को रोकने में भी मदद करता है. इसके अलावा, हड्डियों को नुकसान पहुंचने से बचाता है. डिप्रेशन, हृदय रोग, डायबिटीज और कई पुरानी हेल्थ प्रॉब्लम्स से सुरक्षा भी प्रदान करता है. विटामिन डी की कमी का इलाज आमतौर पर सप्लीमेंट्स से किया जाता है. हालांकि इसके लिए डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है.
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