प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि विकसित भारत के चार अमृत स्तंभ है। प्रधानमंत्री ने बुधवार को बिरसा मुंडा जयंती पर खूंटी में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में कहा कि इन चार स्तंभों को हम जितना मजबूत करेंगे, विकसित भारत की इमारत भी उतनी ही ऊंची उठेगी। उन्होंने कहा कि चार अमृत स्तंभ में पहला भारत की महिलाएं, हमारी नारीशक्ति है। दूसरा भारत के किसान, हमारे पशुपालक, हमारे मछली पालक, हमारे अन्नदाता। तीसरा-भारत के नौजवान, हमारी युवा शक्ति और चौथा भारत का मध्यम वर्ग, भारत के गरीब। उन्होंने देश और विशेषकर झारखंड को 50 हजार करोड़ की योजनाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी देश को, विशेषकर झारखंड को 50 हजार करोड़ रुपये की अलग-अलग योजनाओं का उपहार मिला है। उन्होंने कहा कि आज झारखंड की इस पावन भूमि से दो ऐतिहासिक अभियानों की शुरुआत होने जा रही है। पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान, विलुप्त होने की कगार पर खड़ी जनजातियों की रक्षा करेगा, उन्हें सशक्त करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में जब उन्हें सबने दिल्ली की गद्दी पर बैठाकर सरकार चलाने का दायित्व दिया, उस दिन से उनका सेवाकाल शुरू हुआ। उनके आने से पहले भारत की एक बहुत बड़ी आबादी मूलभूत सुविधाओं से वंचित थी। देश के करोड़ों गरीबों ने इस बात की उम्मीद छोड़ दी थी कि कभी उनका जीवन बदल पाएगा। उस समय सरकारों का रवैया भी ऐसा था कि वो खुद को जनता का माई बाप समझती थी। लेकिन उन्होंने सेवा की भावना से सेवक की तरह काम करना शुरू किया। जो वंचित थे, उन्हें वरीयता देना शुरू किया। जिन्हें सबसे दूर समझा जाता था, सरकार खुद चलकर उनके पास गई। जो दशकों से उपेक्षित थे, सरकार उनका संबल बनी, उनकी साथी बनी। देश में 110 से ज्यादा जिले ऐसे थे, जो विकास के हर क्षेत्र में पिछड़े हुए थे। पहले की सरकार बस उनकी पहचान कर के छोड़ देती थी। इन जिलों में शिक्षा, स्वास्थ सुविधाएं दशकों से दयनीय स्थिति में थी। संयोग देखिए, इन्हीं जिलों में देश की सबसे ज्यादा आदिवासी परिवार रहते थे। इन जिलों को अपने हाल पर छोड़कर भारत कभी विकसित नहीं हो सकता था। इसलिए वंचितों को वरीयता के सिद्धांत पर चलते हुए सरकार ने इन जिलों को आकांक्षी जिला घोषित किया। इन जिलों में हम शिक्षा, स्वास्थ और सड़क जैसे अनेक विषयों पर शून्य से काम शुरू करके सफलता के नए शिखर पर पहुंच रहे हैं। दशकों तक हमारे देश में सामाजिक न्याय और सेक्युलरिज्म को लेकर बहुत सी बातें होती रहीं। लेकिन सच्चा सेक्युलरिज्म तभी आता है, जब देश के किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव की सारी संभावनाएं खत्म हो जाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय का भरोसा तभी मिलता है, जब सबको बराबरी से, समान भावना से सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। आज से विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ हो रहा है। ये यात्रा आज 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती से शुरू होकर अगले साल 26 जनवरी तक चलेगी। इस यात्रा में सरकार मिशन मोड़ में देश के गांव-गांव जाएगी, हर गरीब, हर वंचित को सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाया जाएगा। श्री मोदी ने कहा- ‘आज का दिन सौभाग्य से भरा हुआ है। मैं कुछ देर पहले ही भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू से लौटा हूं। उनके परिजनों से भी बड़ी सुखद मुलाकात हुई है। उस पवित्र माटी को माथे पर लगाने का परम सौभाग्य भी मुझे मिला है। मुझे भगवान बिरसा मुंडा मेमोरियल पार्क और स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय देखने का भी अवसर मिला है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 2 वर्ष पहले आज के दिन उन्हें यह संग्रहालय देश को समर्पित करने का सौभाग्य मिला था। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव और संघर्ष के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की गाथा हर देशवासी को प्रेरणा से भर देती है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज सभी झारखंड के स्थापना दिवस भी मना रहे हैं। अटल जी के प्रयास से ही इस राज्य का गठन हुआ था। इस मौके पर झारखंड के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, अन्नपूर्णा देवी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और पूर्व केंद्रीय मंत्री करिया मुंडा समेत अन्य नेता मौजूद थे।
– एजेंसी
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