आजकल डायबिटीज सिर्फ बड़ों में नहीं, बल्कि कम उम्र वालों में भी तेजी से फैल रही है। ज़रूरत है ऐसे मीठे विकल्पों की, जो शुगर लेवल पर असर न करें। आयुर्वेद में ‘मीठी तुलसी’ के नाम से मशहूर स्टीविया एक ऐसा ही वरदान है।
स्टीविया के फायदे
चीनी से कई गुना मीठी
उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका की पौधों से मिलता है।
इसकी पत्तियां 50–300 गुना ज्यादा मीठी होती हैं, पर शून्य कैलोरी की वजह से ब्लड शुगर पर असर नहीं पड़ता।
ब्लड शुगर को नियंत्रित रखे
2018 की रिसर्च में पाया गया कि 60–120 मिनट में ही शुगर लेवल घट जाता है।
ड्राई स्टीविया पाउडर से उपवास और भोजन के बाद का शुगर लेवल दोनों कम हुआ।
अन्य स्वास्थ्य लाभ
एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर, फ्री-रैडिकल्स से रक्षा।
भूख को नियंत्रित कर क्रेविंग्स घटाए।
कोलेस्ट्रॉल कम करने तथा हृदय रोग का खतरा घटाने में मददगार।
FDA से मिली मंजूरी
अमेरिकी FDA ने स्टीवियोल ग्लाइकोसाइड को “Generally Recognized As Safe (GRAS)” का दर्जा दिया है, यानी खाद्य पदार्थों में उपयोग स्वीकृत।
डायबिटीज़ मरीजों के लिए सुरक्षित
ज्यादातर के लिए सुरक्षित, लेकिन संवेदनशीलता हो तो डॉक्टर से सलाह ज़रूरी।
स्टीविया का उपयोग कैसे करें?
ड्रिंक में: चाय, कॉफी या जूस में मिलाएँ।
फूड में: फलों, दही या स्मूदी में डालें।
सूखे रूप में: पाउडर या टैबलेट लें, बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं।
डायबिटीज़ मरीज अब बिना चिंता के स्टीविया वाली मिठाइयाँ और ड्रिंक्स का आनंद ले सकते हैं। अगर आप भी चीनी से बचना चाहते हैं, तो स्टीविया को अपनी डाइट में शामिल करें।
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