शिमला (एजेंसी/वार्ता) हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिये गत 12 नवम्बर को हुये चुनावों में प्रत्याशियों की हार-जीत में सेवारत कर्मचारियों के डाक मतपत्रों की अहम भूमिका रहेगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने शनिवार को यहां बताया कि राज्य में अब तक 47 हजार से अधिक कर्मचारी डाक मतपत्र से मतदान कर चुके हैं।
हालांकि 80 हजार से अधिक डाक मतपत्रों से मतदान होना अभी भी बाकी है। विधानसभा चुनाव की आठ दिसम्बर को मतगणना के दिन सुबह आठ बजे तक कर्मचारी डाक मतपत्र से अपना वोट जमा करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 59,728 डाक मतपत्र जारी किए गए थे, जिनमें से अब तक सम्बन्धित मतदान अधिकारियों के कार्यालयों में 32,177 जमा हो चुके हैं।
इसके अलावा सेवारत सैन्य कर्मियों को 67, 559 मतपत्र जारी किए गए थे जिनमें से 15,099 प्राप्त हो चुके हैं।
इस तरह कुल 1,27,287 डाक मतपत्र जारी किए गए हैं तथा इनमें से 47,276 प्राप्त हो चुके हैं।
पोस्टल बैलेट और सर्विस वोट इस बार हार-जीत में अहम भूमिका निभा सकते है।
डाक मतपत्र और सर्विस वोट को इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में करीब 20 सीटें ऐसी थीं जो तीन हजार से कम मतों के अंतर से भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने जीती थीं।
उस वक्त भाजपा के मुख्यमंत्री पद का चेहरा प्रेम कुमार धूमल 1900 वोटों से हार गए थे।
ऐसे में इस बार भी कई सीटों पर कांटे की टक्कर होने की सम्भावना है।
-एजेंसी/वार्ता
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