मध्यम वर्ग के हाथों में अधिक पैसा पहुंचाने और पूरी फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से नए आयकर विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई थी। इसे संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के पास भेजे जाने से पहले अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा।
आयकर विधेयक को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दिए जाने से पहले, जानकार लोगों ने कहा कि केंद्रीय बजट में छूट सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपये किए जाने के बाद कर आधार में संकुचन को देखते हुए, इस विधेयक में कर दायरे को बढ़ाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
देश में मौजूदा आयकर अधिनियम 1961 में लागू किया गया था और अब, नए आयकर अधिनियम को मौजूदा कानून की जगह 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से बनाया जा रहा है। देश में नए आयकर कानून के लिए समीक्षा समिति का गठन किया गया था, जो पहले के जटिल कानून की जगह लेगा। सूत्रों के अनुसार, समिति की सिफारिश पर सरकार ने नया आयकर विधेयक तैयार किया है।
तकनीक और बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण के इस दौर में करदाता कई काम खुद ऑनलाइन कर सकते हैं। ऐसे में नए आयकर विधेयक में आम आदमी के लिए सहज बदलाव होंगे, जो इसे ऑनलाइन आसानी से समझ सकेगा। यह व्यवस्था को आम लोगों के लिए सरल और सुविधाजनक बनाने का प्रयास है।
साथ ही, करदाताओं को इतनी बड़ी राहत देने के पीछे सरकार की मंशा निजी खपत को बढ़ाना है, जिसका सीधा फायदा अर्थव्यवस्था की सेहत को होगा।
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