हरियाणा के गुरुग्राम में कोरोना के डर से 3 साल घर में कैद रहे मां बेटे के रेस्क्यू के बाद पता चला है कि महिला सब कुछ ऑनलाइन ऑर्डर करती थी। फिर सामान को सैनिटाइज करके ही यूज करती थी। 3 साल में एक बार भी कूड़ा फेंकने बाहर नहीं निकली। घर में चिप्स से लेकर अन्य आइटम के रैपर्स का ढेर मिला है। शुरुआती जांच में पता चला है कि मां बेटे की मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं है। इसलिए दोनों को रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया गया है।
पति की सूचना पर पुलिस पहले महिला व बेटे को बाहर निकालने के लिए गई। उस वक्त पुलिस, महिला बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अफसर साथ थे। उन्होंने कई बार कहा, लेकिन महिला ने गेट नहीं खोला। जब उन्होंने जबरन गेट खोलना चाहा तो महिला ने आत्महत्या की धमकी दी। इससे टीम लौट आई। अगले दिन टीम पूरी तैयारी के साथ गई। घर का दरवाजा तोड़ा और महिला व बेटे को बाहर निकाला।
आपको बता दे, गुरुग्राम के चकरपुर इलाके के मारुति विहार निवासी सुजान की पत्नी मुनमुन मांझी 2020 में आई कोरोना की पहली लहर से इतना घबरा गई कि उसने खुद को 8 साल के बेटे के साथ घर में कैद कर लिया। पति सुजान एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। कोरोना के डर से वह खुद कुछ दिन घर नहीं गए, लेकिन कोरोना का खतरा कम होने के बाद जब लौटे तो पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला। सुजान ने पुलिस को बताया कि कुछ समय तक तो उसे भी लगा कि डर की वजह से पत्नी घर के अंदर नहीं आने दे रही है, मगर जब वक्त बीतने लगा तो उन्हें पत्नी की मानसिक स्थिति पर शक हुआ। इसके बाद उसने पत्नी के मायके वालों से बात की। मायके वालों ने समझाया, लेकिन मुनमुन ने उन्हें भी कह दिया कि अभी कोरोना फैला हुआ है।
वह न घर से बाहर आएगी और न बाहर से किसी को अंदर आने देगी, चाहे वह उसका पति ही क्यों न हो। वहीं, कुछ समय तक तो मुनमुन ने गैस सिलेंडर मंगवाया, लेकिन ढाई साल में उसने एक बार भी गैस सिलेंडर बुक नहीं किया। उसे डर था कि गैस सिलेंडर देने वाला कर्मचारी आएगा, तो उसे व बेटे को कोरोना का संक्रमण हो जाएगा। वह खाना हीटर पर ही पकाती थी। घर का खर्च चलाने के लिए पति से खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराती थी।
पति सुजान ने बताया कि जब भी वह घर आने की जिद करता तो पत्नी उसे कहती कि वीडियो कॉल पर बात कर लो। वह रोजाना अपने बेटे और पत्नी से वीडियो कॉल पर ही बात करता था। इसके बाद घर के पास ही किराए पर कमरा लेकर रहने लगा। सुबह शाम वह खिड़की से ही दोनों को देख लेता था।
पति सुजान ने कहा कि उसे अपने बच्चे के फ्यूचर की चिंता सताने लगी। उसकी पढ़ाई डिस्टर्ब हो रही थी। स्कूलों में अब फिजिकल क्लास शुरू हो चुकी है, लेकिन पत्नी बेटे को घर से बाहर नहीं निकलने दे रही थी। पढ़ाई प्रभावित होते देख मैंने पत्नी के खाते में पैसे डलवाए और उसके स्कूल में बात कर उसकी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करा दी। बच्चे के दो बार पेपर भी ऑनलाइन ही दिलवाए।
– एजेंसी/न्यूज़ हेल्पलाइन
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