तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा ने लोकसभा से अपने निष्कासन के खिलाफ उच्चतम न्यायालय के समक्ष दायर याचिका पर बुधवार को तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष मोइत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने ‘विशेष उल्लेख’ के दौरान उनकी रिट याचिका पर तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई।
इस पर पीठ ने कहा कि इस मामले को मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाई जाए।
सुश्री मोइत्रा ने सोमवार को याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने लोकसभा से निष्कासित करने के फैसले को ‘अन्यायपूर्ण और मनमाना’ तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ बताया है।
सुश्री मोइत्रा पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद थीं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद निशिकांत दुबे ने उनपर रुपए लेकर लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था। श्री दूबे की शिकायत पर इस मामले में संसद की आचार समिति ने जांच की। समिति की सिफारिश पर आठ दिसंबर को लोकसभा में सुश्री मोइत्रा को निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित हुआ था।
श्री दूबे ने सुश्री मोइत्रा पर व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के कहने पर अदानी समूह की कंपनियों के संबंध में संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया था।
श्री दुबे ने मोइत्रा के पूर्व मित्र वकील जय अनंत देहाद्राई के हलफनामे के आधार पर यह शिकायत की थी।
समिति ने श्री हीरानंदानी के साथ अपने संसदीय पोर्टल की लॉगिन क्रेडेंशियल साझा करके राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का दोषी पाए जाने के बाद सुश्री मोइत्रा को निष्कासित किया था।
– एजेंसी
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