बाल झड़ने की समस्या से महिलाएं और पुरुष दोनों ही समान रूप से परेशान होते हैं. ऐसा नहीं है कि महिलाओं के बाल अधिक झड़ते हैं या पुरुषों के. क्योंकि ये स्थिति हर व्यक्ति की बॉडी, हेल्थ और जीन्स से संबंधित होती है. लेकिन आज के समय में महिलाओं और पुरुषों की लाइफ में कुछ ऐसे खास कारण बहुत बड़े स्तर पर देखने को मिल रहे हैं, जो इनके बालों की सेहत को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं. महिलाओं में होने वाली ऐसी ही एक बीमारी के बारे में यहां बात की जा रही है.आइये जानते है बालो को झड़ने से कैसे रोका जाये
आज के समय में टीनेजर गर्ल्स से लेकर बड़ी उम्र की महिलाएं भी पीसीओएस या पीसीओडी यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी डिजीज जैसी गंभीर बीमारी का तेजी से शिकार हो रही हैं.
डेली रुटीन, खान-पान, फिजिकल ऐक्टिविटीज की कमी और बहुत अधिक स्ट्रेस में रहना ये कुछ ऐसे कारण हैं, जिनके चलते पीसीओएस और पीसीओडी की समस्या 19-20 साल की उम्र की लड़कियों और महिलाओं को परेशान कर रही है. इस बीमारी में महिलाओं को मुख्य रूप से पीरियड्स संबंधी और प्रेग्नेंसी संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. लेकिन इनके चलते और भी कई हेल्थ प्रॉब्लम्स महिलाओं को घेर लेती हैं.
PCOD या PCOS होने पर महिलाओं के शरीर में हॉर्मोनल इंबैलेंस बहुत अधिक बढ़ जाता है. वैसे भी पीरियड्स के चलते हर महीने महिलाओं को हॉर्मोन्स के कारण मूड स्विंग्स, स्ट्रैस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है लेकिन ये बीमारियां होने पर पीरियड्स के दौरान होने वाला ब्लड फ्लो भी प्रभावित होता है. साथ ही हॉर्मोन्स का असंतुलन गंभीर स्तर तक बढ़ जाता है, जिसके चलते महिलाओं के बालों की रूट्स का बायोलजिकल मैकेनिज़म गड़बड़ा जाता है और इन्हें पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता. इस कारण सबसे पहले तो महिलाओं के बाल पतले होने लगते हैं और इनका वॉल्यूम लगातार घटता चला जाता है और बाल बेहद पतले और कमजोर दिखने लगते हैं.
बाल कई अलग-अलग कारणों से झड़ते हैं. इसलिए बाल झड़ना बंद करने के लिए इनका सही कारण जानने के बाद उसी हिसाब से समाधान किया जाना चाहिए. पीसीओएस और पीसीओडी के कारण जब बाल झड़ते हैं तो इनका बंद करने के लिए सिर्फ हेयर केयर प्रॉडक्ट्स से काम नहीं चलता है बल्कि साथ में दवाएं भी लेनी होती हैं.
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