भारत में लोगों को चाय बेहद ही पसंद होती है. खासतौर पर दूध वाली चाय. गली नुक्कड़ से लेकर शहर के भीड़भाड़ वाले रास्तों तक आपको चाय की दुकानें मिल जाएंगी. लोग सिर्फ सुबह के वक्त ही चाय पीना पसंद नहीं करते हैं, बल्कि वे दिन में कई-कई बार चाय की चुस्कियां लेते हैं. आमतौर पर देखा जाता है कि लोग सुबह और शाम के वक्त चाय का ज्यादा आनंद लेते हैं.
कहा गया है कि चाय को शाम के वक्त पीने से शरीर पर कुछ हानिकारक प्रभाव होते हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. दीक्षा भावसार सवालिया ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया कि लगभग 64 प्रतिशत भारतीय आबादी हर रोज चाय पीना पसंद करती है, जिनमें से 30 प्रतिशत से अधिक शाम को इसे पीते हैं.
‘मेडिकल साइंस के मुताबिक अच्छी नींद, बेहतरीन लिवर डिटॉक्स, कम कोर्टिसोल और पाचन प्रक्रिया दुरुस्त रखने के लिए सोने से 10 घंटे पहले तक कैफीन के सेवन से बचना चाहिए.’ चाय में कैफीन होता है, जो नुकसान कर सकता है. BHMS न्यूट्रिनिस्ट और डाइटिशियन डॉ स्मृति झुनझुनवाला ने कहा कि चाय पीना बुरा नहीं है. लेकिन भारत में लोग दूध वाली चाय पीते हैं, जिसकी वजह से चाय में मौजूद कई सारे जरूरी तत्वों की शक्ति कम हो जाती है.
नाइट शिफ्ट करने वाले लोग.
जिन लोगों को गैस और एसिडिटी नहीं है.
अच्छी पाचन प्रक्रिया वाले लोग.
जिन लोगों को अच्छी नींद आती है.
हर रोज समय पर खाना खाने वाले.
जो लोग दिन में सिर्फ एक बार चाय पीते हैं.
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