चटगांव (एजेंसी/वार्ता): लोकेश राहुल की कप्तानी में भारत जब बुधवार को बंगलादेश के खिलाफ पहले टेस्ट की शुरुआत करेगा तो उसकी निगाहें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल पर जमी हुई होंगी। डब्ल्यूटीसी के फाइनल से पहले भारत को बंगलादेश के खिलाफ दो जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घर में चार टेस्ट खेलने हैं। भारतीय टीम फिलहाल डब्ल्यूटीसी की तालिका में चौथे स्थान पर है और फाइनल में पहुंचने के लिये वह इन छह में से सिर्फ एक मैच ही हार सकती है।
बंगलादेश ने भले ही भारत पर टेस्ट क्रिकेट में कभी भी विजय हासिल नहीं की है, लेकिन पांच महीने बाद खेल के सबसे लंबे प्रारूप की ओर रुख करना भारत के लिये बड़ी चुनौती होगी। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में कप्तान राहुल पर एक अपेक्षाकृत अनुभवहीन टीम की अगुवाई का भी दबाव होगा। रविचंद्रन अश्विन और उमेश यादव भले ही गेंदबाजी में थोड़ा अनुभव लाते हैं, लेकिन वे भी करीब एक साल के अंतराल के बाद टेस्ट टीम में वापस आ रहे हैं।
सात साल बाद टेस्ट मैच में भारत की मेज़बानी कर रही बंगलादेश चटगांव में अपने रिकॉर्ड को लेकर आश्वस्त हो सकती है। बंगलादेश ने ज़हूर अहमद चौधरी स्टेडियम पर अपना पिछला मुकाबला मई 2022 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था, जहां मेज़बान टीम ने 465 रन बनाये थे। उस मैच की तरह ही इस टेस्ट में भी बंगलादेशी टीम से चोटग्रस्त तस्कीन अहमद और शाकिब अल हसन के गायब रहने की संभावना है। ऐसे में विकेटकीपर बल्लेबाज मुश्फिकुर रहीम और लिटन दास पर बड़ी पारियां खेलने की जिम्मेदारी होगी, जबकि इबादत हुसैन पर गेंदबाजों की अगुवाई करने का भार आ सकता है।
भारत को अपने पिछले पांच में से तीन टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि दो में उसे जीत मिली है। दूसरी ओर बंगलादेश को पिछले पांच में से चार मैचों में हार मिली है जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा है। ज़हूर अहमद चौधरी स्टेडियम की संभावित सपाट पिच और शीत ऋतु के आगमन को ध्यान में रखते हुए भारत और बंगलादेश के बीच पहले टेस्ट मैच में बड़े स्कोर बनने की संभावना है।
-एजेंसी/वार्ता
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