विश्व शांति केन्द्र एवं अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश ने कहा है कि मौजूदा समय में धर्म को अध्यात्म से जोड़ने की ज़रूरत है।
आचार्य लोकेश ने शुक्रवार को यहां जीओ वर्ल्ड कान्वेंशन सेंटर में बिजनस वर्ल्ड द्वारा आयोजित आध्यात्मिक कॉन्क्लेव ‘एम्ब्रेसिंग ईनर हार्मनी’ को सम्बोधित करते हुये कहा कि आचरण शून्य उपासना खुद और खुदा, आत्मा और परमात्मा दोनों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि शांति का सम्बंध पदार्थ और परिस्थिति से नहीं हमारी मन:स्थिति से हैं।
मन की शांति के लिये ‘मेडिसिन नहीं, मेडिटेशन ज़रूरी’ है। विज्ञान धर्म का विरोधी नहीं है बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान दोनों के समन्वय से अनेक मानसिक समस्याओं का भी समाधान हो सकता है।
अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जैन आचार्य लोकेश ने कहा कि धर्म का विकास से विरोध नहीं है लेकिन विकास अध्यात्म की नींव आधारित होता है, तभी वरदान बनता है, वरना अभिशाप बन जाता है।
आध्यात्मिक कॉन्क्लेव को योग गुरु स्वामी मुकुदानंद, ब्रह्माकुमारी की अतिरिक्त प्रशासनिक प्रमुख सिस्टर जयंती, डिवाइन शक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष साध्वी भगवती सरस्वती, डॉ अनुराग बत्रा -बीडब्ल्यू बिजनेस वर्ल्ड के अध्यक्ष और प्रधान संपादक और एक्सचेंज4मीडिया के संस्थापक, योग लव की संस्थापक इरा त्रिवेदी, सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार, बीडब्ल्यू वेलबीइंग वर्ल्ड के सीईओ हरबिंदर नरूला और बीडब्ल्यू बिजनेसवर्ल्ड की एजीएम कॉन्फ्रेंस प्रोडक्शन देविका कुंडू सेनगुप्ता ने भी संबोधित किया।
– एजेंसी
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