दलीप ट्रॉफी 2025 के फाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन के कप्तान रजत पाटीदार ने बल्लेबाज़ी की ऐसी पारी खेली कि प्रतिद्वंद्वी साउथ जोन की गेंदबाज़ी कांप उठी। शुक्रवार को बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड (बेंगलुरु) में खेले गए मुकाबले में पाटीदार ने सिर्फ 112 गेंदों का सामना करते हुए शतक जड़ दिया। इस पारी में उन्होंने 12 चौके और 2 छक्के लगाये।
फाइनल में इस तरह का आक्रामक शतक कोई मामूली उपलब्धि नहीं है। इससे पहले क्वार्टरफाइनल में भी पाटीदार ने नॉर्थ-ईस्ट जोन के खिलाफ 80 गेंदों की तूफानी पारी खेली थी जिसमें उन्होंने 18 चौके और 2 छक्के जड़े थे।
दिन के पहले सत्र में साउथ जोन पूरी टीम के रूप में सिर्फ 149 रन ही जोड़ सकी, जिससे वे दबाव में आ गयी। सेंट्रल जोन ने इस मौके का पूरा लाभ उठाया। पाटीदार न सिर्फ़ बल्लेबाज़ी में, बल्कि फील्डिंग में भी चमके—उन्होंने सलमान नज़ीर को आउट करने के लिए एक जबरदस्त डाइव लगाकर कैच पकड़ा, जो मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया।
पाटीदार की इस कप्तानी पारी ने सेंट्रल जोन को बड़ी लीड दिला दी है। उनके साथ दानिश मलेवार जैसे साथी बल्लेबाजों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।इस तरह की जोड़ी ने मिडिल ऑर्डर और फिनिशिंग में टीम को मजबूती दी है।
यह शतक पाटीदार का फर्स्ट‑क्लास क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन है, जिसने उनकी फॉर्म और आत्मविश्वास दोनों को एक नया आयाम दिया है।मैच के दूसरे दिन की शुरुआत तक सेंट्रल जोन ने 3 विकेट खोकर करीब 256 रन बना लिए थे।
इस पारी के साथ पाटीदार ने यह संदेश दे दिया है कि जब ज़रूरत हो, तो दबाव में पारी संभालना और टीम को ऐतिहासिक विजय के करीब ले जाना उनका गुण है। प्रशंसक, विशेषज्ञ और टीम मैनेजमेंट इस जोश और संयम से प्रभावित हैं, जिसमें बल्लेबाज़ी, फिल्डिंग और कप्तानी — तीनों की झलक सामने आई है।
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