भारत ने शुक्रवार को देश के 75वें गणतंत्र दिवस पर यहां कर्तव्य पथ पर जहां अपनी सैन्य ताकत और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रदर्शन किया वहीं ‘नारी शक्ति ने भी परेड का नेतृत्व करके अपनी क्षमता को प्रदर्शित किया।
महिला शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों को अभिव्यक्त करते इस समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रौं मुख्य अतिथि थे। मुख्य समारोह की शुरुआत बहादुर सैनिकों के सम्मान में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि समारोह के साथ हुई। इसके कुछ ही देर बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उनके फ्रांसीसी समकक्ष मैक्रौं ‘पारंपरिक बग्गी’ में कर्तव्य पथ पर पहुंचे।
राष्ट्रगान की धुन और 21 तोपों की सलामी के बीच राष्ट्रपति ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। गणतंत्र दिवस परेड के इतिहास में पहली बार तीनों सेनाओं – सेना, नौसेना और वायु सेना की सैन्य पुलिस कोर – की महिला सैनिकों की टुकड़ी ने मार्च किया।
परेड की शुरुआत 100 से अधिक महिला कलाकारों ने पारंपरिक सैन्य बैंड के बजाय पहली बार शंख, नादस्वरम, नगाड़ा जैसे भारतीय संगीत वाद्ययंत्र बजाकर की। सांस्कृतिक समृद्धि और नारी शक्ति” के शानदार प्रदर्शन में, ‘वंदे भारतम-नारी शक्ति’ के बैनर तले 1,500 नर्तकियों के एक समूह ने विविधता में एकता के संदेश के साथ परेड की शोभा बढ़ायी। प्रदर्शन में कुचिपुड़ी, कथक, भरतनाट्यम, सत्रिया, मोहिनीअट्टम, ओडिसी, मणिपुरी, समकालीन शास्त्रीय नृत्य और बॉलीवुड शैलियों सहित 30 विशिष्ट लोक नृत्य शैलियों का प्रदर्शन किया गया।
परेड के दौरान सशस्त्र बलों ने मिसाइलों, ड्रोन जैमर, निगरानी प्रणाली, वाहन पर लगे मोर्टार और बीएमपी-द्वितीय पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों सहित घरेलू स्तर पर निर्मित हथियारों और सैन्य उपकरणों की एक विविध श्रृंखला का प्रदर्शन किया।
समारोह में फ्रांसीसी सशस्त्र बलों के संयुक्त बैंड और मार्चिंग दस्ते ने भी मार्च पास्ट किया।
– एजेंसी
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