बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने छत्तीसगढ़ में गुरुवार को दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया। जैजैपुर विधानसभा के हसौद में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आरक्षण के मामले में कांग्रेस सरकार के साथ भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा। वहीं बिलासपुर के साइंस कॉलेज में आम सभा में भी भाजपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। मायावती ने सभा के दौरान लोगों से बसपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने की अपील की।
मायावती ने छत्तीसगढ़ में दो चुनावी सभा को संबोधित किया। जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा के हसौद में चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सभा की। उन्होंने अपने भाषण में दलितों के साथ आदिवासी व पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक को साधने की कोशिश की। उन्होंने बसपा को इन वर्गों की हितैषी पार्टी के रूप में पेश किया।
मायावती ने छत्तीसगढ़ में सहयोगी पार्टी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ मिलकर आदिवासी और गैर आदिवासी सीटों पर पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश को आजाद हुए लंबा समय बीत गया है। देश और प्रदेश में विभिन्न पार्टियों की सरकारें रहीं। लेकिन, इन दौरान सर्वसमाज, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ गरीबों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और अन्य मेहनतकशों का विकास और उत्थान नहीं हो सका है।
मायावती ने अपनी सभाओं में कहा कि जातीय जनगणना की बात कहने वालों ने मंडल कमीशन को लागू नहीं किया। कांग्रेस के जातिगत जनगणना के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आरक्षण जैसे ज्वलंत मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा दोनों गंभीर नहीं है। मंडल कमीशन की रिपोर्ट पर दोनों ही दलों की सरकार ने काम नहीं किया। आरक्षित वर्ग के हितों की अनदेखी की। मायावती ने कहा कि आदिवासियों को जबरन नक्सली बताकर शोषण किया जा रहा है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिलासपुर के साइंस कॉलेज में आम सभा में भाजपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि हम दमदारी और पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी को लंबे समय तक सत्ता में रखने वाले लोग यही दलित आदिवासी हैं। आजादी के बाद से कांग्रेस ने दलित आदिवासियों को लेकर ध्यान नहीं दिया। इसीलिए बसपा जैसी पार्टी बनी। कांग्रेस-भाजपा सहित अन्य विरोधी दलों ने आरक्षण का कोटा अब तक पूरा नहीं किया। महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण में भी एसटी-एससी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रदेश में भी दलित आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा है।दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय की भी हालत ठीक नहीं है। गलत नीतियों के कारण देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई बढ़ रही है।
– एजेंसी
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