छत्तीसगढ़ के CM भूपेश ने बजट पूर्व बैठक में NPS की राशि, GST क्षतिपूर्ति की मांग दोहराई

नयी दिल्ली 25 नवंबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष एनपीएस की राशि की वापसी और जीएसटी क्षतिपूर्ति की भरपाई तथा कोल रॉयल्टी की राशि की मांग समेत राज्य हित से जुड़े विभिन्न मुद्दे रखे।

दिल्ली के मानेक शॉ सेन्टर में आयोजित बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय वित्तमंत्री के साथ ही अन्य राज्यों के वित्तमंत्री भी उपस्थित रहे। इस मौके पर बघेल ने आम बजट 2023-24 को लेकर कई प्रस्ताव एवं सुझाव दिये।

बघेल ने कहा कि प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का अंश पृथक पेंशन निधि में जमा रखा जाएगा, जिसका उपयोग भविष्य में पेंशनरी दायित्वों को पूरा करने के लिए किया जायेगा। इसके साथ ही इसका निवेश भारत सरकार एवं राज्य सरकार की प्रतिभूतियों में किया जायेगा।

उन्होंने एनएसडीएल के पास 31 मार्च तक जमा 17240 करोड़ रूपये की राशि वापस किये जाने की मांग की। बैठक में जीएसटी क्षतिपूर्ति की 1875 करोड़ की राशि की मांग करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा , “ हमने जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की व्यवस्था को जून 2022 के बाद आगामी पांच वर्षों के लिए जारी रखने का अनुरोध किया था, लेकिन इसमें वृद्धि नहीं की गयी।

इसके साथ ही उन्होंने कोयला रॉयल्टी की 4140 करोड़ की राशि राज्य को जल्द ट्रांसफर करने के साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बलों पर व्यय 1288 करोड़ की राशि तथा राज्य में तैनात 4 विशेष एवं भारत रक्षित वाहिनियों पर राज्य सरकार द्वारा किए व्यय 313 करोड़ जल्द देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी एवं रागी (मिलेट्स) की खेती प्रमुखता से की जाती है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी वर्ष 2023 को ‘इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट’ घोषित किया गया है।

उन्होंने मिलेट्स फसलों को बढ़ावा देने के लिए कोदो एवं कुटकी फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किये जाने का आग्रह किया। इसके साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री ने सी-मार्ट की तर्ज पर विपणन केन्द्रों की स्थापना की मांग की ताकि कृषि, हस्तशिल्प, लघु वनोपज उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने बैठक में मुख्य खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन, बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों को प्रोत्साहन अनुदान, विशेष सहायता योजना को जारी रखने सहित राजधानी रायपुर में इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल शुरू करने, केंद्रीय योजनाओं में केंद्रांश बढ़ाने संबंधी सुझाव भी दिये।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में केंद्रीय पूल में 57 लाख टन अरवा और चार चार लाख टन उसना चावल का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से 14 लाख टन उसना चावल का लक्ष्य निर्धारित करने का अनुरोध किया। इसके साथ उन्होंने नए जूट बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग भी की।

-एजेंसी/वार्ता

यह भी पढ़े: केंद्र को नोटिस देकर समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के मामले में मांगा गया जवाब

Leave a Reply