डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी बीमारी है, जो आजकल आम होती जा रही है। लेकिन अगर आप दवाइयों के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपाय भी अपनाएं, तो ब्लड शुगर लेवल को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है। ऐसा ही एक कारगर और नेचुरल उपाय है – गुड़मार और करेला से बना जूस।
क्या है गुड़मार?
गुड़मार एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसका नाम ही बताता है – “गुड़ (चीनी) को मारने वाली”। इसमें मौजूद तत्व शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं और शुगर को तेजी से कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
करेला: कड़वा लेकिन असरदार
करेले को अक्सर ‘डायबिटीज का नेचुरल टॉनिक’ कहा जाता है। इसमें पाया जाने वाला ‘चारंटिन’ नामक कंपाउंड ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बेहद सहायक होता है। करेला पैंक्रियास को इंसुलिन उत्पादन के लिए प्रेरित करता है।
कैसे बनाएं ये आयुर्वेदिक जूस?
सामग्री:
- 1 छोटा करेला (बीज निकाला हुआ)
- 4-5 गुड़मार की पत्तियां (या 1/2 टीस्पून गुड़मार पाउडर)
- 1/2 नींबू (स्वादानुसार)
- थोड़ा पानी
विधि:
- करेला और गुड़मार की पत्तियों को अच्छे से धो लें।
- दोनों को मिक्सी में पीसकर जूस बना लें।
- स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा नींबू और काला नमक मिला सकते हैं।
- इस जूस को सुबह खाली पेट पीना ज्यादा असरदार माना जाता है।
सावधानियां:
- अत्यधिक सेवन से शुगर लेवल बहुत कम हो सकता है, इसलिए मात्रा डॉक्टर की सलाह से तय करें।
- प्रेग्नेंट महिलाएं या बीपी के मरीज सेवन से पहले विशेषज्ञ से पूछें।
- स्वाद कड़वा हो सकता है, लेकिन फायदे लाजवाब हैं।
इस जूस के लाभ:
- ब्लड शुगर लेवल में सुधार
- बेहतर मेटाबॉलिज्म
- वजन घटाने में सहायक
- पाचन क्रिया में सुधार
- डिटॉक्सिफिकेशन
डायबिटीज को केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल और प्राकृतिक उपायों से भी कंट्रोल किया जा सकता है। गुड़मार और करेला से बना आयुर्वेदिक जूस एक ऐसा घरेलू नुस्खा है, जिसे नियमित रूप से अपनाकर शुगर लेवल को बैलेंस में रखा जा सकता है। तो आज ही अपनी दिनचर्या में शामिल करें ये नेचुरल हेल्थ ड्रिंक और बढ़ाएं अपनी सेहत की ताकत!