दुनियाभर में हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। यह अब केवल बुजुर्गों या बीमार लोगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। भारत में भी दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले चिंताजनक स्तर तक बढ़ चुके हैं।
अक्सर हम इसका कारण अनहेल्दी लाइफस्टाइल, खराब खानपान या तनाव को मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका गुस्सैल स्वभाव भी हार्ट अटैक की एक बड़ी वजह बन सकता है?
😠 गुस्सा और दिल का रिश्ता क्या है?
जब आप गुस्से में होते हैं, तो आपके दिमाग को यह संकेत मिलता है कि आप तनाव में हैं। इससे स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होता है, जो शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करता है — खासतौर पर दिल पर इसका सीधा असर पड़ता है।
गुस्से के दौरान ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है।
ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं, जिससे खून गाढ़ा हो जाता है।
इससे धमनियों में ब्लॉकेज बनने का खतरा बढ़ जाता है।
🩺 एक्सपर्ट्स की राय:
डॉक्टरों का कहना है कि गुस्से के बाद 2 घंटे के भीतर हार्ट अटैक का खतरा लगभग 5 गुना तक बढ़ जाता है। गुस्से में या झगड़े के दौरान कई बार लोगों को अचानक सीने में दर्द और फिर दिल का दौरा पड़ जाता है — ये कोई फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि असल जिंदगी की हकीकत है।
⚠️ कैसे गुस्सा बढ़ाता है हार्ट अटैक का रिस्क?
ब्लड प्रेशर का बढ़ना – अचानक गुस्सा आने पर बीपी तेजी से बढ़ता है, जिससे दिल पर जोर पड़ता है।
प्लाक टूटना – धमनियों में जमा फैट (प्लाक) गुस्से से टूट सकता है, जिससे ब्लॉकेज और थक्का बनने का खतरा होता है।
धड़कन का असामान्य होना – गुस्से के दौरान हार्टबीट अनियमित हो सकती है, जिससे दिल की कार्यक्षमता घट जाती है।
🧘♂️ गुस्सा कम करने के लिए आसान उपाय:
मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग (गहरी सांस लेना) करें।
योग और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
अगर पहले से हृदय रोगी हैं, तो तनाव से बचें और मानसिक शांति बनाए रखें।
नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराते रहें।
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