अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। न्यूयॉर्क के यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट में SEC ने बताया कि इस मामले में भारतीय अधिकारियों से भी सहयोग मांगा गया है।
क्या है मामला?
SEC ने 20 नवंबर 2024 को दाखिल अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से जुड़ी एक लोन पेशकश के दौरान भ्रामक जानकारी दी गई, जिससे संघीय प्रतिभूति कानूनों का उल्लंघन हुआ। इस मामले में न्यूयॉर्क की पूर्वी जिला अदालत में न्यायाधीश निकोलस गरौफिस के समक्ष स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई।
अमेरिकी जांच एजेंसियों के आरोप
✅ SEC और अमेरिकी न्याय मंत्रालय का आरोप है कि अदाणी ग्रुप ने भारत में सौर ऊर्जा ठेके हासिल करने के लिए 25 करोड़ डॉलर की रिश्वत दी।
✅ इस मामले में Azure Power Global Limited के कार्यकारी अधिकारी सिरिल कैबनेस सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक आरोप दायर किए गए हैं।
अदाणी ग्रुप का पलटवार
अदाणी ग्रुप ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि,
🗣️ “ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं और इनका कोई कानूनी आधार नहीं है।”
हेग सर्विस कन्वेंशन के तहत नोटिस जारी करने का प्रयास
SEC ने अदाणी और अन्य प्रतिवादियों को हेग सर्विस कन्वेंशन के तहत कानूनी दस्तावेज सौंपने के लिए भारतीय अधिकारियों से सहायता मांगी है। हालांकि, संघीय दीवानी प्रक्रिया नियम (FRCP) 4(एफ) के तहत अंतरराष्ट्रीय कानूनी नोटिस जारी करने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है।
क्या होगा आगे?
🔎 SEC और अमेरिकी न्याय मंत्रालय इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं।
⚖️ दूसरी ओर, अदाणी ग्रुप ने संकेत दिया है कि वह अपने कानूनी विकल्पों का पूरा इस्तेमाल करेगा और आरोपों को अदालत में चुनौती देगा।
👉 अब देखना होगा कि यह मामला किस ओर मुड़ता है – क्या अदाणी ग्रुप इस विवाद से साफ निकल पाएगा या फिर अमेरिकी एजेंसियां कड़ी कार्रवाई करेंगी?
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