डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के एक दिन बाद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, मंगलवार को लाल निशान पर नजर आया।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,235.08 अंकों की गिरावट के साथ 75,838.36 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 299.45 अंक टूटकर 23,045.30 पर बंद हुआ। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बुधवार को भी मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
बाजार में गिरावट की वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कमजोर तिमाही नतीजे, टैरिफ की आशंका, और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसी वजहें हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां: ट्रंप ने BRICS देशों पर टैरिफ लगाने का इशारा किया है, जिससे भारतीय बाजार में चिंता बढ़ गई है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली: जनवरी 2025 में अब तक विदेशी निवेशकों ने 48,023 करोड़ रुपये की निकासी की है।
मिले-जुले तिमाही नतीजे: कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन ने भी बाजार के मूड को बिगाड़ दिया।
निवेशकों को भारी नुकसान
इस गिरावट में निवेशकों को करीब 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए।
जोमैटो: ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी के शेयर 10.16% गिरकर 215.40 रुपये पर बंद हुए।
Newgen Software: इसके शेयरों में भी बड़ी गिरावट देखी गई।
दिग्गज कंपनियों पर असर: टाटा मोटर्स, TCS, रिलायंस और ITC जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयर भी लाल निशान पर बंद हुए।
बाजार का भविष्य
एक्सपर्ट्स का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए बाजार में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सावधानीपूर्वक निर्णय लेने की सलाह दी गई है।
“डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां और ग्लोबल इकोनॉमिक अस्थिरता भारतीय बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है।”
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