छठ पर्व के लिए दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की ओर से राजधानी दिल्ली में रहने वाले लाखों लोगों की उपेक्षा की गई है। सरकार की ओर से ना तो यमुना की सफाई के लिए कोई ठोस कदम उठाये गए और ना ही कोई अन्य इंतजाम किये गए। यह कहना है दिल्ली प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष सुनील कुमार का। सुनील कुमार कहते हैं उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी हो या पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर किसी ने भी पूर्वांचलियों के पक्ष में आवाज नहीं उठाई। मनोज तिवारी जहां केवल घाट का निरीक्षण करके बैठ गए वहीं गौतम गंभीर क्रिकेट के वर्ल्ड कप में बिजी हैं।
सुनील कुमार कहते हैं राजधानी में छठ महापर्व पर पूर्वांचल के लाखों लोगों को सुविधाएं देने में केन्द्र और राज्य सरकार दोनो पूरी तरह विफल है क्योंकि पूर्वांचली लोगों के लिए न यमुना घाटों पर पर्याप्त व्यवस्था की गई है,और ना ही कोई दूसरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि नहाए-खाय के पर्व में श्रद्धालू न तो साफ जल में नहा पा रहे है और न ही उचित मूल्य में खा पा रहे है।
श्री लवली ने कहा कि दिल्ली वालों सहित पूर्वाचंल के लोगों पर महंगाई की मार इस कदर पड़ रही है कि नवम्बर में 20 रुपये किलों मिलने वाला टमाटर भी 60-70 रुपये मिल रहा है और छठ पूजा के सामान की कीमतों पर भी सरकार का कोई नियंत्रण नही है। सुनील कुमार ने छठ पूजा मनाने के लिए पूर्वांचलियों को उनके गांव तक जाने के लिए विशेष ट्रेने नहीं चलाने के लिए भी रेलवे की आलोचना की, क्योंकि केन्द्र सरकार ने पूर्वांचल के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि हर साल छठ पर्व से पूर्व लाखों पूर्वाचंली अपने घर जाते है जिस वजह से रेलवे स्टेशन सहित ट्रेनों में जानवरों की तरह ठस-ठस कर यात्रा करनी पड़ती है।
– एजेंसी
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