ऑफिस, ट्रैवलिंग के दौरान या फिर कई बार घरों में भी टी बैग का काफी इस्तेमाल होता है. जो कि आपको मनचाहे फलेवर में बाजार में टी बैग(Tea Bag) की कई वैरायटी उपलब्ध है. जिसे लोग काफी चाव और शान से पीना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि जल्द से तैयार होने वाली ये टी बैग चाय आपकी सेहत पर किसी तरह से नुकसान पहुंचा रही है.
दरअसल प्लास्टिक टी बैग आपके कप में हार्मफुल पार्टिकल्स को छोड़ देता है, जिसमें गुड बैक्टीरिया को प्रभवित करने की क्षमता देखी गई है. वहीं ज्यादातर टी बैग्स में स्टेपल पिन का उपयोग होता है तो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.
चाय को उसके प्रोसेस के अनुसार पका कर ही पीना सही है. मार्केट में ग्रीन टी, ब्लैक टी या और भी कई प्रकार की हर्बल टी लूज रूप में उपलब्ध हैं, जिसे पानी में उबालकर छानकर ही पीना सेहत के लिए सही है.
टी बैग्स में एक्स्ट्रा कैफीन होता है जो ब्लड ग्लूकोज लेवल को डिस्टर्ब कर देता है. हालांकि टर्मरिक टी, हिबिस्कस टी, सिनामन टी, कैमोमाइल टी जैसे हर्बल टी एंटी डायबिटिक होते हैं.
इसके बावजुद अधिक कैफीन वाले टी बैग के इस्तेमाल से डायबिटिक पेशेंट को इसका नुकसान होता है.
दरअसल टी बैग में जो पत्तियां को डाला जाता है वह बड़े ही लंबी प्रक्रिया से होकर छाटकर पैक होता है. इसलिए इसका स्वाद उतने अच्छी तरीके से घुल नहीं पाता वहीं, चाय की पत्तियां पानी में जब अच्छी तरह घुलती हैं तो स्वाद में निखार आता है.
यह भी पढे –
जानिए,कभी पंजाबी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल करता था ‘चंदू चायवाला’
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News