मक्खन हमारे भारतीय रसोई में एक आवश्यक सामग्री है और मक्खन मलाईदार और स्वादिष्ट बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में उपयोग किया जाता है. आपने दो तरह के मक्खन देखे होंगे- पीला और सफेद, लेकिन क्या आप दोनों में अंतर जानते हैं? आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि पीला या सफेद कौन सा मक्खन सेहत के लिए लाभदायक होता हैं.
पीला मक्खन, जिसे नमकीन मक्खन भी कहा जाता है, टोस्ट के साथ इसे ज्यादा खाया जाता है. इसमें वसा की मात्रा अधिक होने के कारण मक्खन का रंग पीला होता है. मक्खन में नमक मिलाने से इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है और यह लंबे समय तक चलता है. पीला मक्खन संसाधित होता है और इसमें उच्च मात्रा में ट्रांस-वसा होता है जो इसे कैलोरी में भी उच्च बनाता है.
सफेद मक्खन, जिसे माखन के नाम से भी जाना जाता है, मक्खन का एक प्राकृतिक, असंसाधित संस्करण है और इसमें स्वस्थ वसा होती है. इसे मलाई की मदद से घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. छाछ एक उप-उत्पाद है जो आपको मलाई को माखन में बदलने की प्रक्रिया के दौरान मिलता है. छाछ आपके पेट के लिए बेहद फायदेमंद है और यहां तक कि वजन घटाने में भी मदद करता है. सफेद मक्खन बनाने के बाद इसका इस्तेमाल घर में घी बनाने में किया जा सकता है.
सफेद और पीले मक्खन दोनों का संयम से सेवन करना सुरक्षित है, यदि आप मक्खन के रोजाना खाते हैं, तो सफेद मक्खन पर स्विच करना सबसे अच्छा है. सफेद मक्खन के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर पर बनाया जा सकता है और यह किसी भी प्रकार के रसायन, रंग और नमक से मुक्त होता है. 1 चम्मच सफेद मक्खन में लगभग 90 कैलोरी होती है, जबकि 1 चम्मच पीले मक्खन में लगभग 105 कैलोरी होती है.
1 कटोरी मलाई लें और इसे ब्लेंडर जार में डालें.
ब्लेंडर में 1 कप ठंडा पानी डालकर ब्लेंड कर लें. पल्स मोड पर ब्लेंड करना सबसे अच्छा है.
अब ब्लेंडर जार खोलें और सामग्री को एक बाउल में निकाल लें.
आप देखेंगे कि माखन अलग हो गया है और पानी जैसा तरल छोड़ गया है.
प्याले में 1 कप और ठंडा पानी डालिये और धीरे से उसमें से मक्खन के टुकड़े निकाल लीजिये.
माखन को हल्के हाथ से दबा कर प्याले में रख लीजिये.
सफेद मक्खन को 10-12 मिनट के लिए फ्रिज में सेट होने दें और अब यह खाने के लिए एकदम तैयार है.
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