आजकल महिलाओं में यूटीआई (यूरिन ट्रैक्ट इंफेक्शन) की समस्या आम होती जा रही है। हर दूसरी महिला कभी न कभी इस परेशानी का सामना कर चुकी होती है। यूटीआई का सबसे बड़ा कारण होता है वजाइना का पीएच बैलेंस बिगड़ना, जिससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। साफ-सफाई में लापरवाही, पानी कम पीना और प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव भी इसे बढ़ावा देते हैं।
यूटीआई का सही समय पर इलाज न किया जाए तो यह ब्लैडर और किडनी तक असर कर सकता है। इसलिए महिलाओं को इसके लक्षणों को पहचानना और समय रहते डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है।
🚨 महिलाएं इन यूटीआई लक्षणों को हल्के में न लें:
1. बार-बार पेशाब की इच्छा, लेकिन पेशाब न आना
अगर आपको बार-बार पेशाब जाने का मन हो रहा है लेकिन सही से पेशाब नहीं आ पा रही, तो यह यूटीआई का पहला संकेत हो सकता है। यह ब्लैडर में बैक्टीरिया के जमा होने की वजह से होता है, जो यूरिन पास होने में रुकावट डालते हैं।
2. वजाइना में जलन और खुजली
पेशाब में जलन या वजाइना के आस-पास खुजली भी यूटीआई के लक्षण हो सकते हैं। कई बार यह लक्षण पेशाब से जुड़ी समस्या के बिना भी हो सकते हैं। ऐसे में इस लक्षण को इग्नोर न करें।
3. पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द
ब्लैडर पर दबाव महसूस होना या पेट के निचले हिस्से में लगातार हल्का-हल्का दर्द रहना, यूटीआई का संकेत हो सकता है। इसे सामान्य पेट दर्द समझकर टालना सही नहीं है।
4. पेशाब में झाग और तेज बदबू
अगर आपके पेशाब से दुर्गंध आने लगी है या उसमें झाग नजर आ रहा है, तो यह एक गंभीर संकेत है। यह संक्रमण के कारण होता है और ब्लैडर तक फैल सकता है।
5. वजाइनल एरिया में असहजता या थकावट
वजाइनल हिस्से में असहज महसूस करना, थकान या सुस्ती यूटीआई का अप्रत्यक्ष संकेत हो सकता है। यह तब होता है जब इंफेक्शन शरीर के अंदर बढ़ने लगता है।
🩺 क्या करें?
अगर इनमें से कोई भी लक्षण लगातार दिखाई दे, तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है। घरेलू उपाय या देरी संक्रमण को और बढ़ा सकती है। शुरुआती इलाज से यूटीआई को काबू में लाया जा सकता है और गंभीर दिक्कतों से बचा जा सकता है।
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