अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के टी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने कहा कि महिलाओं का सशस्त्र बलों में शामिल होना देश के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है।
बुधवार को नगालैंड के सुखोवी में असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर एंड स्कूल (एआरटीसी एंड एस) में असम राइफल्स की महिला रंगरूटों के प्रशिक्षण के उपरांत ‘अटेस्टेशन परेड’ की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि महिला रंगरूटों की परेड महिला सशक्तीकरण का सबसे अच्छा उदाहरण है।
परनाइक ने कहा, ‘‘ये महिलाकर्मी अपने और अपने परिवार के लिए अच्छी आजीविका सुनिश्चित करेंगी और भविष्य में लड़कियों को अपने पैरों पर खड़े होने और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगी।’’
राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्यपाल ने मैना सैकिया के नेतृत्व में मार्चिंग टुकड़ियों की सलामी ली।
राज्यपाल ने परेड में शामिल महिला रंगरूटों, केंद्र के अधिकारियों और प्रशिक्षकों की सराहना की, जिसका उद्देश्य सक्षम, अनुशासित और शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ सैनिक बनाना है।
उन्होंने कहा कि असम राइफल्स के जवान उग्रवाद विरोधी अभियान के लिए क्षेत्रों में तैनात हैं, इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वे दक्षता और प्रभावशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए खुद को तैयार करें।
कुल मिलाकर 382 महिला रंगरूटों के, जिनमें अरुणाचल प्रदेश की 12 महिलाएं भी शामिल हैं, 44 सप्ताह के प्रशिक्षण के बाद असम राइफल्स में शामिल होने की पुष्टि की गई।
स्नातकों को अरुणाचल प्रदेश और उत्तर पूर्व क्षेत्र के अन्य हिस्सों में असम राइफल्स की विभिन्न इकाइयों में तैनात किया जाएगा।
राज्यपाल ने युद्ध शिल्प, हथियार संचालन, जंगल लेन शूटिंग और उग्रवाद विरोधी अभियानों में अन्य विशेषज्ञताओं में सर्वश्रेष्ठ रंगरूटों को पुरस्कार प्रदान किए।
– एजेंसी
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