जैसे ही गर्मी का मौसम दस्तक देता है, शरीर में कई प्रकार के बदलाव होने लगते हैं। इनमें सबसे आम और परेशान करने वाली समस्या है—पाचन तंत्र की गड़बड़ी। अपच, गैस, एसिडिटी, डायरिया और भूख न लगना जैसे लक्षण गर्मियों में अधिक देखने को मिलते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर गर्मियों में ही क्यों बढ़ जाती हैं डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें? और क्या हैं इससे निपटने के वैज्ञानिक उपाय?
आइए, जानते हैं विशेषज्ञों की राय और उन आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप गर्मी में भी स्वस्थ पाचन तंत्र बनाए रख सकते हैं।
क्यों बढ़ जाती है डाइजेशन की समस्या गर्मियों में?
गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. सीमा अग्रवाल कहती हैं,
“गर्मी के मौसम में शरीर अधिक ऊर्जा ताप को संतुलित करने में खर्च करता है। इससे पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे में तली-भुनी चीज़ें, मसालेदार भोजन और ठंडी-गरम चीजों का मिश्रण पाचन को और बिगाड़ देता है।”
गर्मी में शरीर का जलस्तर जल्दी कम होता है, जिससे डिहाइड्रेशन होता है। यह भी पाचन को प्रभावित करता है क्योंकि शरीर में पर्याप्त पानी न होने पर भोजन को पचाना मुश्किल हो जाता है।
आम डाइजेशन समस्याएं और उनके लक्षण
एसिडिटी: पेट में जलन, खट्टी डकारें
गैस: पेट फूलना, भारीपन
अपच: भूख न लगना, बार-बार डकार आना
डायरिया: पतला दस्त, कमजोरी
कब्ज: मल त्याग में कठिनाई
गर्मी में डाइजेशन दुरुस्त रखने के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह
1. हल्का और सुपाच्य भोजन लें
गर्मी में अधिक भारी और तेलयुक्त भोजन से बचें। साबुत अनाज, मौसमी फल, दही, छाछ और सादा दलिया पाचन में मददगार होते हैं।
2. पानी की मात्रा बढ़ाएं
दिनभर में कम से कम 3–4 लीटर पानी पिएं। नींबू पानी, नारियल पानी, बेल का शरबत, सत्तू जैसे पेय शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन सुधारते हैं।
3. भोजन समय पर करें
अनियमित भोजन या बार-बार कुछ खाते रहना पाचन क्रिया को बिगाड़ सकता है। सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना—समय पर और संयमित मात्रा में लें।
4. खाने के तुरंत बाद न सोएं
भोजन के तुरंत बाद लेटना या सोना अपच और एसिडिटी को बढ़ावा देता है। खाना खाने के कम से कम 30–45 मिनट बाद ही आराम करें।
5. फाइबर युक्त भोजन लें
सलाद, फल, हरी सब्जियां और अनाज जैसे भोजन कब्ज से बचाव में मदद करते हैं और पाचन को सुचारु बनाए रखते हैं।
क्या न करें
बासी और सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाने से परहेज़ करें
अत्यधिक कैफीन या कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन न करें
बहुत ठंडा पानी या आइसक्रीम एक साथ ज्यादा न खाएं
बिना भूख के बार-बार न खाएं
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेदाचार्य बताती हैं,
“गर्मी में पाचन अग्नि मंद हो जाती है। ऐसे में ठंडी तासीर वाले पदार्थ जैसे सौंफ, जीरा, धनिया व बेल फल का सेवन लाभदायक होता है। साथ ही त्रिफला चूर्ण रात्रि में लेने से कब्ज और पेट की गर्मी दूर होती है।”
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि पाचन की समस्या लगातार बनी रहे, भूख खत्म हो जाए या वजन घटने लगे, तो तुरंत गैस्ट्रो स्पेशलिस्ट से संपर्क करें। लंबे समय तक पाचन तंत्र की अनदेखी से आंतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
यह भी पढ़ें:
सुबह खाली पेट चिया सीड्स भूलकर भी न खाएं ये लोग, हो सकता है बड़ा नुकसान
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News