डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी केवल ब्लड शुगर को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसके कारण कई बार वजन में भी अनियमितता देखने को मिलती है। खासकर टाइप 1 या लंबे समय से टाइप 2 डायबिटीज वाले मरीजों में वजन अचानक कम होना आम है।
समझना जरूरी है कि वजन घटने का कारण सिर्फ कैलोरी नहीं, बल्कि शरीर में इंसुलिन की कमी या ग्लूकोज का सही इस्तेमाल न होना भी है।
डायबिटीज में वजन कम होने के मुख्य कारण
- इंसुलिन की कमी या असंतुलन
- इंसुलिन ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलता है। कमी होने पर शरीर फैट और मसल्स को तोड़कर ऊर्जा प्राप्त करता है, जिससे वजन घटता है।
- खराब पाचन और पोषण अवशोषण
- ब्लड शुगर असंतुलित होने पर पाचन प्रभावित होता है और शरीर जरूरी पोषक तत्व नहीं ले पाता।
- कैलोरी की अधिक खोई हुई ऊर्जा
- डायबिटीज में यूरिन के जरिए ग्लूकोज बाहर निकलता है, जिससे कैलोरी भी बाहर चली जाती है और वजन घटता है।
- थकान और कमजोरी
- लगातार थकान के कारण भोजन कम करना भी वजन घटाने में योगदान देता है।
डायबिटीज में वजन बढ़ाने के आसान और हेल्दी तरीके
- संतुलित आहार लें
- साबुत अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल और हेल्दी फैट
- जंक और प्रोसेस्ड फूड से बचें
- प्रोटीन का सेवन बढ़ाएं
- अंडा, पनीर, दही, मछली, मुर्गी
- मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है
- नियमित हल्की एक्सरसाइज करें
- वॉक, योग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
- मसल्स बढ़ाने और ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद करता है
- छोटे और बार-बार खाने की आदत
- दिन में 5–6 बार हल्का भोजन लेने से कैलोरी और पोषण दोनों मिलते हैं
- हाइड्रेटेड रहें
- पर्याप्त पानी पीना जरूरी है
- ब्लड शुगर और मेटाबॉलिज्म बनाए रखने में मदद करता है
- डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स
- अगर जरूरी हो तो विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स लें
डायबिटीज में वजन घटना आम है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही आहार, नियमित व्यायाम और हेल्दी आदतों के साथ वजन बढ़ाना और मसल्स को मजबूत रखना संभव है।
टिप: अगर वजन तेजी से घट रहा है या कमजोरी लगातार बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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