कई लोगों को सुबह उठते ही ज्यादा खांसी आने लगती है और जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, परेशानी कम हो जाती है। इसे आम सर्दी-खांसी समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है, क्योंकि यह कुछ बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। आइए जानते हैं सुबह की खांसी के 4 बड़े कारण।
1. एलर्जी या पोस्ट नेजल ड्रिप
रात में नाक और साइनस में बलगम जमा हो जाता है, जो गले में टपकता है।
इसके कारण:
- सुबह गले में खराश
- बार-बार खांसी
- नाक बहना या बंद होना
यह समस्या अक्सर धूल, परागकण या ठंडी हवा से एलर्जी वालों में होती है।
2. अस्थमा
अस्थमा के मरीजों में सुबह और रात के समय खांसी ज्यादा होती है।
लक्षण:
- सांस फूलना
- सीने में जकड़न
- घरघराहट की आवाज
- ठंडी हवा में खांसी बढ़ना
सुबह ठंडी हवा और बदला हुआ हार्मोन लेवल अस्थमा को ट्रिगर कर सकता है।
3. एसिड रिफ्लक्स (GERD)
रात में लेटने पर पेट का एसिड गले तक आ जाता है, जिससे सुबह खांसी होती है।
इसके लक्षण:
- सीने में जलन
- खट्टी डकार
- गले में जलन
- सुबह सूखी खांसी
देर रात खाना खाने वालों में यह ज्यादा देखा जाता है।
4. क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस या स्मोकर्स कफ
जो लोग लंबे समय से धूम्रपान करते हैं, उनमें सुबह ज्यादा बलगम वाली खांसी होती है।
लक्षण:
- गाढ़ा बलगम
- सांस लेने में दिक्कत
- सीने में भारीपन
- सुबह ज्यादा खांसी
यह फेफड़ों की पुरानी बीमारी का संकेत हो सकता है।
सुबह की खांसी से राहत के उपाय
- गुनगुना पानी या शहद-अदरक का सेवन करें
- धूल-धुएं से बचें
- रात में भारी भोजन न करें
- धूम्रपान छोड़ें
- भाप (स्टीम) लें
- सिर ऊंचा रखकर सोएं
कब डॉक्टर को दिखाएं
अगर:
- खांसी 2 हफ्ते से ज्यादा रहे
- बलगम में खून आए
- सांस लेने में तकलीफ हो
- बुखार या वजन घट रहा हो
- सीने में तेज दर्द हो
तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सुबह-सुबह ज्यादा खांसी आना एलर्जी, अस्थमा, एसिड रिफ्लक्स या फेफड़ों की बीमारी का संकेत हो सकता है। इसे नजरअंदाज करने के बजाय कारण पहचानना और सही इलाज कराना जरूरी है।
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