मौसम बदलते ही खांसी की समस्या आम हो जाती है। कभी सूखी खांसी परेशान करती है तो कभी बलगम वाली गीली खांसी। ऐसे में लोग तुरंत दवा की ओर भागते हैं, लेकिन आयुर्वेद में एक ऐसी चीज बताई गई है जो दिखने में लौंग जैसी होती है और हर तरह की खांसी में फायदेमंद मानी जाती है। यह चीज है पीपली (लॉन्ग पेपर)।
पीपली देखने में लौंग जैसी होती है और इसे पुराने समय से खांसी, जुकाम और गले की समस्या में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
पीपली खांसी में कैसे करती है फायदा?
पीपली में प्राकृतिक रूप से ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो बलगम को ढीला करने और सूखी खांसी में गले की जलन कम करने में मदद करते हैं।
इसके फायदे इस प्रकार हैं:
- गले की खराश में राहत देती है
- सूखी खांसी में आराम पहुंचाती है
- बलगम को बाहर निकालने में मदद करती है
- इम्युनिटी को मजबूत करने में सहायक होती है
- सांस की नली को साफ करने में मदद करती है
पीपली का सेवन करने का सही तरीका
1. शहद के साथ पीपली चूर्ण
पीपली को सुखाकर उसका चूर्ण बना लें।
आधा चम्मच चूर्ण में एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में 1–2 बार लें।
यह सूखी और गीली दोनों खांसी में लाभकारी माना जाता है।
2. पीपली और अदरक का काढ़ा
एक कप पानी में पीपली और थोड़ी अदरक डालकर उबालें।
छानकर गुनगुना पिएं।
यह बलगम साफ करने में मदद करता है।
3. दूध के साथ सेवन
रात को गर्म दूध में चुटकी भर पीपली पाउडर मिलाकर पीने से गले को आराम मिलता है।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
- गर्भवती महिलाएं सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लें
- अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है
- छोटे बच्चों को देने से पहले विशेषज्ञ से पूछें
- लंबे समय तक खांसी रहे तो घरेलू उपाय के भरोसे न रहें
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर खांसी 5–7 दिन से ज्यादा रहे,
तेज बुखार हो,
खून वाली खांसी आए,
या सांस लेने में दिक्कत हो,
तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
सूखी हो या गीली खांसी, लौंग जैसी दिखने वाली पीपली एक असरदार घरेलू उपाय मानी जाती है। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर यह गले को आराम देने और खांसी से राहत दिलाने में मदद कर सकती है। हालांकि, किसी गंभीर समस्या में इसे इलाज का विकल्प न मानें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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