करिश्मा कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में तब कदम रखा था, जब वे महज 17 साल की थीं. करिश्मा फिल्मों में काम करने वालीं कपूर खानदान की पहली लड़की थीं. कपूर परिवार करिश्मा के फिल्मों में आने के खिलाफ था. वे नहीं चाहते थे कि करिश्मा फिल्मों में काम करें. जब करिश्मा ने अपने घरवालों को बताया कि वे अभिनेत्री बनना चाहती हैं, तो कई फैमिली मेंबर्स उनके इस फैसले के खिलाफ थे. इस बात का खुलासा खुद करीना कपूर ने किया था.
करीना ने कॉफ़ी विद करण में कहा था, “करिश्मा के इस फैसले को परिवार ने किसी ने सपोर्ट नहीं किया था. केवल मां बबीता ही साथ खड़ी हुई थीं. मैं अपनी बहन और मां को काफी स्ट्रगल करते हुए देखा. मैंने करिश्मा को मां के सामने कई बार रोते हुए भी देखा”. वो कहती थीं कि वो हीरोइन नहीं बन पाएंगी क्योंकि सब उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे. हालांकि परिवार की बंदिशों को दरकिनार करते हुए एक्ट्रेस ने साल 1991 में आई फिल्म ‘प्रेम कैदी’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया.
करिश्मा ने फिल्मफेयर को दिए गए इंटरव्यू में कहा था, “जब मैं अपने दादा जी राज कपूर के साथ राम तेरी गंगा मैली के सेट पर पहली बार गई थी तभी मुझे एहसास हो गया था कि मुझे हीरोइन बनना है. मुझे सेट्स, कैमरा और लाइट्स बहुत पसंद आये थे. तब मैंने फैसला कर लिया था कि मुझे एक्टर बनना है और अपने परिवार की विरासत को आगे ले जाना है”. काफी उतार-चढ़ाव देखने के बाद करिश्मा ने आखिरकार फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बना ही ली.
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