उत्तर प्रदेश में पहली मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। सरकार ने 2,275 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। योगी सरकार ने निर्देश दिया है कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गेहूं की बिक्री हेतु किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल, विभाग के मोबाइल ऐप यूपी किसान मित्र पर पंजीकरण-नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। किसानों से अनुरोध किया गया है कि गेहूं को ओसाकर, मिट्टी, कंकड़, धूल आदि को साफकर अच्छी तरह से सुखाकर ही क्रय केंद्र पर बिक्री के लिए लेकर जाएं।
इस वर्ष बटाईदार किसानों द्वारा भी पंजीकरण कराते हुए गेहूं की बिक्री की जा सकेगी। गेहूं खरीद के लिए किसानों का खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर पहली जनवरी 2024 से ऑनलाइन पंजीयन शुरू है। अब तक 1,09,709 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। रविवार और अन्य अवकाशों को छोड़कर 15 जून तक क्रय केंद्रों पर प्रतिदिन गेहूं खरीद सुबह 9 से शाम 6 बजे तक चलेगी।
सरकार ने निर्देश दिया है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसकी तैयारी भी कर ली गई है। किसी भी विषम परिस्थितियों के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए किसान जिला खाद्य विपणन अधिकारी या तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या ब्लॉक के विपणन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
खाद्य विभाग और अन्य क्रय एजेंसियों के कुल 6,500 क्रय केंद्र स्थापित करने की योजना है। विभाग ने गेहूं के मूल्य भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे किसानों के आधार लिंक खाते में 48 घंटे के अंदर करने की व्यवस्था बनाई है।
– एजेंसी
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