अब्बू : क्या बात है गोलू मियाँ ? अकेले-अकेले क्यों हंस रहे हो!
मोनू : अबे तू सुनेगा तो तू भी दांत फाड़ कर हंसने लगेगा।
अब्बू : ऐसा क्या ? ज़रा कुछ बताओ!
मोनू : कल मैं एक हॉकी मैच देखने गया था। जिस नेता को वहां मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। उन्होंने मैच में अंत में भाषण दिया–“भाइयों-और उनकी बहनों, हमारे देश में लकड़ी की कमी नहीं है। सारे खिलाडियों के हाथों में हॉकी देखकर मुझे यह बात समझ में आई मगर यह देखकर दुःख हुआ कि हमारा देश “गेंद” निर्माण में बेहद ग़रीब है। बेचारे सारे खिलाडी पूरे खेल के दौरान एक ही बाल के पीछे भागते नज़र आये। मैं प्रधान मंत्री जी से अनुरोध करूँगा कि अधिक से अधिक बॉल बनाई जाएँ। ताकि हर हॉकी खिलाडी के पास अपनी-अपनी गेंद हो और सभी आराम से गोल कर पाएं। खिलाडियों की सहूलियत की लिए हम मैदान के चारों तरफ अधिक से अधिक गोल पोस भी लगवा देंगे। ताकि कम से कम सभी खिलाडी आसानी से गोल कर सके।
अब्बू (मुँह बनाते हुए): तो इसमें इतना दाँत फाड़ने की बात क्या है। नेताजी ठीक तो कह रहे थे।😜😂😂😂😛🤣
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मोनू: तुम्हे इतिहास का ज्ञान है।
अब्बू : हाँ, सौ में से एक सौ एक नंबर लाता था।
मोनू: बताओ, एण्ड कलर पॉकेट से आप क्या समझे?
अब्बू : औरंगज़ेब।
मोनू: मुस्लिम राजाओं का वंश बताओ, सिलसिलेवार।
अब्बू : गू खाता शीला में
मोनू: मतलब
अब्बू : “गू” से गुलाम वंश
“खा” से ख़िलजी वंश
“ता” से तुगलक वंश
“शी” से शय्याद वंश
“ला” से लोधी वंश
“में” से मुग़ल वंश😜😂😂😂😛🤣
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