सलाद के बारे में यह बात जानकर बहुत सारे लोगों को हैरानी हो सकती है. कई लोगों के लिए तो इस सच पर विश्वास करना भी संभव नहीं हो पाएगा. लेकिन यह सच है कि आयुर्वेद में पके हुए और कच्चे भोजन को एक साथ सेवन करने की मनाही है.
भोजन के साथ यदि आपको सलाद खानी ही है तो आप सिर्फ प्याज का उपयोग कर सकते हैं वो भी नींबू और काला नमक के साथ.
भोजन के साथ स्वाद के लिए आप अचार का उपयोग कर सकते हैं और पापड़ खा सकते हैं.
पेट को साफ और पाचन को सही रखने के लिए आपको भोजन के साथ खीरे-ककड़ी या अन्य फल सब्जियों की सलाद नहीं खानी चाहिए.
भोजन के साथ दही नहीं खानी चाहिए. हां, आप जीरा और हींग का तड़का लगी छाछ का उपयोग कर सकते हैं.
भोजन के साथ लस्सी नहीं लेनी चाहिए.
सलाद, दही, लस्सी और प्लेन छाछ जैसे भोज्य पदार्थों का सेवन आप दो मील के बीच में कर सकते हैं. जैसे, सुबह नाश्ता करने के बाद लंच से पहले के ब्रेक में. यानी करीब 11-12 बजे. या फिर लंच और डिनर के बीच के ब्रेक में. शाम को स्नैक्स टाइम में.
आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर रेखा के अनुसार, आयुर्वेद में कच्चा और पका हुआ भोजन एक साथ लेने की अनुमति नहीं है. क्योंकि इस प्रकार किया गया भोजन अपच, गैस, खट्टी डकार इत्यादि का कारण बन जाता है. साथ ही शरीर को भोजन के सभी गुणों की प्राप्ति नहीं हो पाती है.
वैद्य डॉक्टर सुरेंद्र सिंह कहते हैं कि ब्रिटिशर्स के यहां भोजन को इस तरह पकाने की प्रथा नहीं है, जैसा कि हमारे यहां तैयार किया जाता है. ऐसे में उनके देश की जलवायु और प्रकृति के अनुसार, कच्चा-पक्का भोजन एक साथ खाने की संस्कृति हो सकती है. किन्तु हमारे देश की जलवायु और जीवनशैली दोनों ही कच्चा और पक्का भोजन एक साथ खाने की अनुमति नहीं देते हैं. आयुर्वेद में भी इसे वर्जित माना गया है.’
यह भी पढे –
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News