कांग्रेस ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पेटीएम के खिलाफ कार्रवाई के बाद सोमवार को कहा कि इस कंपनी के खिलाफ धनशोधन के गंभीर आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशाल (ईडी) ने क्या कदम उठाए हैं।
पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा, ”तमाम अनियमितताओं के चलते सरकार के चहेते उद्योगपति की कंपनी को रिजर्व बैंक ने प्रतिबंधित किया लेकिन इसके पहले वो लगातार कानून का उल्लंघन करती रही और बार-बार बचती रही।” उन्होंने दावा किया कि इसके पहले पेटीएम पर अपने उपभोक्ताओं का आंकड़ा भाजपा के साथ साझा करने जैसे आरोप भी लग चुके हैं।
सुप्रिया ने कहा, ”31 जनवरी को रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 29 फरवरी के बाद कोई भी बैंकिंग गतिविधि करने से रोक दिया है। इसका मतलब यह है कि कोई राशि जमा नहीं होगी, कोई क्रेडिट लेनदेन नहीं, कोई वॉलेट टॉप अप नहीं, कोई बिल भुगतान नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने यह कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के तहत की है।
सुप्रिया ने सवाल किया, ”इतने सारे उल्लंघनों के बाद भी पेटीएम पेमेंट्स बैंक को इतनी लंबी ढील क्यों दी गई? धनशोधन जैसे गंभीर आरोप को लेकर ईडी ने अब तक क्या कार्यवाही की? क्या ईडी 95 प्रतिशत मामलों में राजनीतिक लोगों के ख़िलाफ़ षड्यंत्र रच कर संतुष्ट है?”
– एजेंसी
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