विजय देवरकोंडा का बयान बना विवाद की वजह, आदिवासी समुदाय ने जताई आपत्ति

फिल्म ‘रेट्रो’ के प्री-रिलीज़ इवेंट में दिए गए एक बयान के चलते विजय देवरकोंडा एक बार फिर विवादों में फंसते नजर आ रहे हैं। पहले हैदराबाद के आर.एस. नगर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी और अब उसी पुराने बयान के चलते रायदुर्गम पुलिस स्टेशन में भी उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है।

आदिवासी समुदाय ने जताई आपत्ति
आदिवासी नेता अशोक कुमार राठौड़ ने विजय देवरकोंडा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनका बयान आदिवासी समुदाय के लिए अपमानजनक है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभिनेता के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।

क्या था पूरा मामला?
26 अप्रैल को विजय देवरकोंडा, अभिनेता सूर्या की फिल्म ‘रेट्रो’ के ऑडियो लॉन्च इवेंट में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कश्मीर और पाकिस्तान से जुड़ी स्थिति पर प्रतिक्रिया दी थी। विजय ने कहा:

“कश्मीर में जो कुछ हो रहा है, उसका एक ही हल है—हम उन्हें शिक्षा दें और सुनिश्चित करें कि उन्हें ब्रेनवॉश न किया जाए। कश्मीर भारत का हिस्सा है और कश्मीरी हमारे हैं। भारत को पाकिस्तान पर हमला करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वहां के लोग खुद ही अपनी सरकार से परेशान हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो खुद ही अपनी सरकार के खिलाफ उठ खड़े होंगे।”

इसके बाद उन्होंने जो बात कही, वही विवाद का कारण बन गई। विजय ने कहा:

“वो इस तरह बर्ताव करते हैं जैसे 500 साल पहले की जनजातियां, जिनमें कॉमन सेंस की कमी होती थी।”

बयान पर मचा बवाल और सफाई
विजय देवरकोंडा के इस बयान को आदिवासी समुदाय का अपमान माना गया, जिसके बाद जमकर आलोचना हुई। विवाद बढ़ने पर विजय ने सफाई देते हुए कहा:

“मैंने ‘जनजाति’ शब्द का उपयोग ऐतिहासिक और डिक्शनरी संदर्भ में किया था, जब दुनियाभर में लोग ट्राइब्स और क्लैन्स में बंटे हुए थे। मेरे बयान का भारत में पहचाने गए अनुसूचित जनजातियों से कोई लेना-देना नहीं था, जिन्हें औपनिवेशिक काल और बाद में 20वीं सदी में औपचारिक रूप से परिभाषित किया गया।”

हालांकि, उनकी सफाई के बावजूद मामला अब कानूनी रूप ले चुका है और पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है।

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