यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) यानी पेशाब की नली या किडनी में होने वाला संक्रमण आज कई लोगों के लिए परेशानी बन गया है। खास बात यह है कि यह सिर्फ एक बार की समस्या नहीं होती – अगर समय पर इलाज न हो तो इसके लक्षण लंबे समय तक बने रह सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ लोगों को UTI का खतरा ज्यादा होता है।
UTI क्या है?
UTI तब होती है जब यूरिनरी ट्रैक्ट (किडनी, ब्लैडर या यूरिनल पथ) में बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाता है। इसके लक्षणों में पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, पीठ या पेट में दर्द और बुखार शामिल हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले लोग
1. महिलाएं
महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट छोटा होने और संक्रमण फैलने की वजह से UTI सबसे आम है।
संकेत: बार-बार पेशाब आना, जलन, कमर या पेट में दर्द
2. बुजुर्ग
बुजुर्गों में इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण UTI जल्दी फैलता है और लक्षण लंबे समय तक रह सकते हैं।
संकेत: बार-बार मूत्र संबंधी समस्या, थकान, बुखार
3. डायबिटीज वाले लोग
ब्लड शुगर अधिक होने पर बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे UTI का खतरा बढ़ जाता है।
संकेत: पेशाब में जलन, यूरिन में बदबू, बार-बार पेशाब
4. पेट या यूरिनरी सिस्टम की बीमारी वाले लोग
किडनी स्टोन, ब्लैडर की समस्या या पिछले यूरिनरी इंफेक्शन वाले लोग अधिक संवेदनशील होते हैं।
संकेत: लगातार लक्षण, दर्द, संक्रमण का बार-बार लौटना
UTI से बचाव के आसान उपाय
- पर्याप्त पानी पिएं, ताकि बैक्टीरिया बाहर निकल जाएं
- प्रॉपर हाइजीन का ध्यान रखें
- पेशाब रोककर न रखें
- डायबिटीज या किसी अन्य बीमारी पर नियंत्रण रखें
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक न लें
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
- पेशाब में लगातार जलन या दर्द हो
- यूरिन में खून या बदबू
- तेज बुखार या ठंड लगना
- लक्षण लंबे समय तक बने रहें
समय पर इलाज और सही देखभाल से UTI के लंबे और गंभीर प्रभावों से बचा जा सकता है।
UTI सिर्फ असुविधा नहीं है, बल्कि अगर लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। महिलाएं, बुजुर्ग, डायबिटीज वाले और यूरिनरी सिस्टम की समस्या वाले लोग विशेष रूप से सतर्क रहें।
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