ब्लैडर स्टोन यानी पेशाब की थैली में पथरी एक ऐसी समस्या है जो किसी भी उम्र में हो सकती है। यह तब बनती है जब पेशाब में मौजूद खनिज और लवण (minerals and salts) आपस में क्रिस्टल बनाकर जम जाते हैं। शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, लेकिन उन्हें नज़रअंदाज़ करने से समस्या गंभीर हो सकती है।
यहाँ हम आपको बता रहे हैं 4 ऐसे शुरुआती संकेत, जिन पर ध्यान देकर आप समय रहते इलाज करा सकते हैं।
1. बार-बार पेशाब आना
अगर आपको दिन या रात में बार-बार पेशाब की जरूरत महसूस हो रही है, तो यह ब्लैडर स्टोन का एक संकेत हो सकता है। पथरी मूत्राशय पर दबाव डालती है, जिससे पेशाब बार-बार आने लगता है।
2. पेशाब करते समय जलन या दर्द
मूत्राशय में पथरी होने से पेशाब के दौरान तेज़ जलन या चुभन महसूस हो सकती है। कई बार यह दर्द निचले पेट से लेकर कमर तक फैल सकता है।
3. पेशाब का रंग बदलना
पेशाब में खून आना, उसका रंग लाल या भूरा हो जाना और तेज़ गंध आना — ये सभी ब्लैडर स्टोन के लक्षण हो सकते हैं।
4. निचले पेट या पीठ में दर्द
लोअर एब्डॉमिनल एरिया में लगातार दर्द या भारीपन महसूस होना इस समस्या का संकेत है। दर्द अचानक तेज़ भी हो सकता है।
ब्लैडर स्टोन होने के प्रमुख कारण
- कम पानी पीना
- बार-बार पेशाब रोकना
- यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)
- अत्यधिक नमक और प्रोटीन का सेवन
- प्रोस्टेट ग्लैंड का बढ़ना (पुरुषों में)
बचाव और घरेलू उपाय
- पानी ज़्यादा पिएं – दिन में कम से कम 2-3 लीटर पानी लें।
- नमक और शक्कर कम करें – अधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
- नियमित व्यायाम – मेटाबॉलिज्म सही रखने से क्रिस्टल जमने का खतरा कम होता है।
- फाइबर युक्त डाइट – फल, सब्जियां और साबुत अनाज लें।
- लक्षण दिखते ही डॉक्टर से जांच करवाएं – देरी न करें।
निष्कर्ष:
ब्लैडर स्टोन को शुरुआती चरण में पहचानना आसान है, बशर्ते आप शरीर के इन संकेतों को नजरअंदाज न करें। समय रहते इलाज लेने से आप बड़ी सर्जरी से बच सकते हैं और समस्या का हल आसानी से हो सकता है।
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