आजकल गलत खानपान और कम पानी पीने की आदत के कारण यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शरीर में जब प्यूरिन ज्यादा जमा हो जाता है तो यूरिक एसिड बढ़ने लगता है, जिससे जोड़ों में दर्द, सूजन और गठिया जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। ऐसे में एक देसी और नेचुरल उपाय काफी फायदेमंद माना जाता है — गेहूं की घास (व्हीटग्रास) का जूस।
व्हीटग्रास जूस क्यों है असरदार?
व्हीटग्रास में क्लोरोफिल, फाइबर, विटामिन C, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं और किडनी के जरिए टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं।
इसके फायदे:
- शरीर से प्यूरिन को बाहर निकालने में मदद
- यूरिक एसिड का लेवल धीरे-धीरे कम करता है
- सूजन और जोड़ों के दर्द में राहत देता है
- किडनी की सफाई में सहायक
प्यूरिन को कैसे बाहर निकालता है?
व्हीटग्रास जूस शरीर में हल्के मूत्रवर्धक (diuretic) की तरह काम करता है। इससे पेशाब की मात्रा बढ़ती है और यूरिक एसिड व प्यूरिन जैसे अपशिष्ट पदार्थ शरीर से बाहर निकलने लगते हैं। यही वजह है कि इसे यूरिक एसिड कंट्रोल करने वाला नेचुरल ड्रिंक माना जाता है।
यूरिक एसिड में कैसे करें सेवन?
जूस बनाने का तरीका:
- ताजी व्हीटग्रास लें और अच्छी तरह धो लें
- मिक्सर में थोड़ा पानी डालकर पीस लें
- छानकर इसका रस निकाल लें
सेवन का तरीका:
- सुबह खाली पेट 20–30 ml जूस पिएं
- चाहें तो इसमें कुछ बूंदें नींबू का रस मिला सकते हैं
- हफ्ते में 4–5 दिन नियमित सेवन करें
किन लोगों को मिलेगा ज्यादा फायदा?
- जिनका यूरिक एसिड बढ़ा रहता है
- जिन्हें जोड़ों में दर्द और सूजन रहती है
- जिन्हें गठिया की शुरुआती समस्या हो
- जिनका पाचन कमजोर रहता है
जरूरी सावधानियां
- बहुत ज्यादा मात्रा में न पिएं
- पहली बार पीते समय कम मात्रा से शुरुआत करें
- अगर किडनी की गंभीर बीमारी है तो डॉक्टर से सलाह लें
- बाजार के केमिकल मिले जूस की जगह ताजा जूस पिएं
व्हीटग्रास जूस एक सस्ता, देसी और प्राकृतिक उपाय है जो शरीर से प्यूरिन को बाहर निकालकर यूरिक एसिड कंट्रोल करने में मदद करता है। सही मात्रा और नियमित सेवन से जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत मिल सकती है। हालांकि इसे इलाज का विकल्प नहीं बल्कि सहायक उपाय की तरह अपनाना चाहिए।
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