चावल भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसमें मौजूद **स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट** कुछ लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं। खासकर तब, जब चावल बिना मांड (स्टार्चयुक्त पानी) निकाले खाया जाए। मांड निकालकर चावल पकाने से उसका स्टार्च कम हो जाता है, जिससे यह हल्का और आसानी से पचने योग्य हो जाता है। यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जिन्हें शुगर, वजन बढ़ने या पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं।
आइए जानें वे **4 तरह के लोग कौन हैं**, जिन्हें चावल हमेशा मांड निकालकर ही खाना चाहिए और क्यों।
1. डायबिटीज के मरीज (Diabetic Patients)
चावल में मौजूद स्टार्च शरीर में जाकर तेजी से **ग्लूकोज में बदलता है**, जिससे ब्लड शुगर तुरंत बढ़ सकता है।
मांड निकालकर पकाए गए चावल का **ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम** हो जाता है, जिससे यह डायबिटीज मरीजों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित बनता है।
फायदे:
* ब्लड शुगर स्पाइक कम
* पाचन बेहतर
* कम कैलोरी और हल्का भोजन
2. वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोग
वजन घटाने की कोशिश में कैलोरी कंट्रोल बहुत जरूरी है। बिना मांड का चावल ज्यादा कैलोरी और स्टार्च वाला होता है, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है।
मांड निकालकर चावल खाने से—
* कैलोरी कम हो जाती है
* पेट जल्दी भरा महसूस होता है
* फैट स्टोरेज कम होता है
यह वजन नियंत्रण में काफी मददगार है।
3. पाचन समस्या वाले लोग (Indigestion, Gas, IBS)
जिन्हें अपच, गैस, भारीपन या IBS जैसी समस्या हो, उन्हें मांड निकाला हुआ चावल ज़रूर खाना चाहिए।
स्टार्च ज्यादा होने पर चावल भारी हो जाता है और पचाने में तकलीफ देता है।
मांड निकालकर पकाने से चावल हल्का, मुलायम और आसान पाच्य बन जाता है।
कैसे मदद करता है?
* पेट पर कम दबाव
* गैस और सूजन कम
* मल त्याग में सुधार
4. हाई कोलेस्ट्रॉल या फैटी लिवर वाले लोग
उच्च स्टार्च वाला भोजन लिवर पर अतिरिक्त काम बढ़ा देता है और फैट स्टोरेज बढ़ने का कारण बन सकता है।
मांड निकालकर बनाए गए चावल में स्टार्च और कार्ब्स कम हो जाते हैं, जिससे—
* लिवर की हेल्थ को नुकसान नहीं होता
* ट्राइग्लिसराइड स्तर नियंत्रित रहते हैं
* फैटी लिवर का भार कम होता है
मांड निकालकर चावल कैसे बनाएं? (सही तरीका)
- चावल को अच्छी तरह धो लें।
2. 1:4 या 1:5 के रेशियो में पानी डालें (चावल से ज्यादा पानी)।
3. चावल को अच्छी तरह पकने दें।
4. पकने के बाद ऊपर का पानी (मांड) एक बर्तन में छानकर अलग कर लें।
5. बचे हुए चावल को 2 मिनट ढककर रखें ताकि भाप से फूला हुआ बने।
> **ध्यान रखें:** मांड को फेंकें नहीं। इसे सूप, दाल में मिलाकर या चेहरे पर लगाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
किसे मांड वाला चावल फायदेमंद है?
* बहुत पतले, वीक या रिकवरी में रहने वाले लोग
* जिन्हें एनर्जी की जरूरत हो
* बच्चों और एथलीट्स के लिए (कभी-कभी)
क्योंकि मांड में कार्ब्स, विटामिन B और मिनरल्स होते हैं।
अगर आप डायबिटीज, वजन बढ़ने, पाचन समस्या या फैटी लिवर से जूझ रहे हैं, तो चावल हमेशा **मांड निकालकर** ही खाएं। इससे स्टार्च, कैलोरी और शुगर का असर कम होता है और सेहत बेहतर रहती है। सही पाक विधि आपकी रोज़मर्रा की थाली को और भी हेल्दी बना सकती है।
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