महिलाओं की पेल्विक मांसपेशियां गर्भाशय (बच्चेदानी), मूत्राशय और आंतों को सहारा देती हैं। लेकिन कुछ रोजमर्रा की गलत आदतें इन्हें धीरे-धीरे कमजोर कर सकती हैं, जिससे यूटेराइन प्रोलैप्स (बच्चेदानी खिसकना), पेशाब रोकने में परेशानी और कमर दर्द जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
1. बार-बार भारी वजन उठाना
घर का भारी सामान, पानी की बाल्टियां या जिम में गलत तरीके से वेट उठाना पेल्विक फ्लोर पर ज्यादा दबाव डालता है।
नतीजा: मांसपेशियां ढीली पड़ने लगती हैं और बच्चेदानी को सहारा कमजोर हो जाता है।
2. कब्ज को नजरअंदाज करना
लंबे समय तक कब्ज रहने पर टॉयलेट में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है।
नुकसान: बार-बार जोर लगाने से पेल्विक मसल्स पर लगातार प्रेशर पड़ता है, जिससे वे कमजोर हो सकती हैं।
3. लंबे समय तक बैठकर काम करना
ऑफिस वर्क, मोबाइल या टीवी के सामने घंटों बैठना पेल्विक फ्लोर की एक्टिविटी को कम कर देता है।
असर: मांसपेशियां सुस्त हो जाती हैं और उनका नैचुरल सपोर्ट कम होने लगता है।
4. डिलीवरी के बाद आराम और एक्सरसाइज न करना
प्रेग्नेंसी और नॉर्मल डिलीवरी के दौरान पेल्विक मसल्स पर बहुत दबाव पड़ता है।
गलती: अगर डिलीवरी के बाद पर्याप्त आराम और एक्सरसाइज न की जाए, तो मांसपेशियां पहले जैसी मजबूत नहीं हो पातीं।
पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत कैसे रखें?
- रोजाना केगल एक्सरसाइज करें
- कब्ज से बचने के लिए फाइबर और पानी बढ़ाएं
- भारी वजन उठाने से बचें
- लंबे समय तक बैठने के बीच-बीच में ब्रेक लें
- डिलीवरी के बाद डॉक्टर की सलाह से एक्सरसाइज शुरू करें
कब डॉक्टर से मिलें?
अगर आपको
- बार-बार पेशाब लीक होना
- पेल्विक एरिया में भारीपन
- कमर या निचले पेट में दर्द
जैसी समस्याएं महसूस हों, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
रोजमर्रा की छोटी-छोटी गलत आदतें महिलाओं की पेल्विक मांसपेशियों को कमजोर कर सकती हैं। समय रहते सावधानी और सही एक्सरसाइज अपनाकर बच्चेदानी खिसकने जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
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