जयपुर (एजेंसी/वार्ता): राजस्थान में पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता वासुदेव देवनानी ने अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) पेपर लीक मामले में मंत्री सुभाष गर्ग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि अगले वर्ष भाजपा की सरकार बनने पर इस मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जायेगी।
देवनानी भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर जन आक्रोश यात्रा को लेकर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आज यहां यह बात कही। उन्होंने कहा कि आरपीएससी चेयरमैन ने साफ कहा था कि बिना राजनीतिक सांठगांठ के पेपर लीक होना संभव नहीं हो सकता। उन्होने कहा कि इसमें पूर्व शिक्षा मंत्री के तार भी इससे जुड़े हुए हो सकते है। उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आज राजस्थान की स्थिति बहुत ही बदतर हो चुकी है इसकी पूर्ण रूप से जिम्मेदार गहलोत सरकार है, इस जंगलराज में युवाओं में उच्च शिक्षा श्रेणी में 50 प्रतिशत पद खाली होने को लेकर बहुत ही जबरदस्त आक्रोश है।
उन्होने कहा कि कांग्रेस सरकार के कुशासन में विधार्थियों के साथ शिक्षक भी है परेशान, प्रदेश के 476 सरकारी कॉलेजों में से प्रिंसिपल के 386 पद खाली हैं एवं गेस्ट फेकल्टी लेक्चरर के द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है, जबकि स्थायी लेक्चरर की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने नए महाविधालय खोलने को लेकर सिर्फ वाहवाही लूटने का कार्य किया है, बड़ी-बड़ी घोषणाए की, लेकिन धरातल पर सब शून्य है, आज प्रदेश में 27 महाविद्यालयों में लाईब्रेरियन के पद खाली पड़े है, दूसरी ओर कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार नए महाविद्यालय खोलने को लेकर मौखिक रूप से वाहवाही लेने का कार्य कर रही है। आज कांग्रेस सरकार के शासन में नए महाविद्यालयों में शिक्षकों के 1148 पद स्वीकृत है, लेकिन उनको अभी तक नहीं भरा गया। शिक्षा के दृष्टिकोण से 100 छात्रों पर औसतन एक ही शिक्षक है।
उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक ओर 1662 अंग्रेजी माध्यम के विधालय खोलकर जनता की प्रशंसा लूट रहे है, लेकिन जनता को यह नहीं बता रहे कि यह अंग्रेजी माध्यम के स्कूल की एवज में उतने ही हिंदी माध्यम के स्कूलों को बंद कर हिंदी माध्यम में पढ़ने वाले छात्रों के साथ अनिति की है। उन्होने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में फीस निर्धारण को लेकर कोई पाबंदी नहीं है, प्राइवेट स्कूलों ने लूट मचा रखी है जिसका भार राजस्थान की आम जनता को वहन करना पड़ रहा है, जिसकी पूर्ण रूप से जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार की है।
-एजेंसी/वार्ता
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