भारत में अत्यधिक अमीर व्यक्तियों की संख्या बीते साल यानी 2023 में सालाना आधार पर छह प्रतिशत बढ़कर 13,263 हो गई है। नाइट फ्रैंक इंडिया की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में बढ़ती समृद्धि के कारण अति-उच्च नेटवर्थ वाले व्यक्तियों (यूएचएनडब्ल्यूआई) की संख्या 2028 तक बढ़कर करीब 20,000 हो जाएगी।
यूएचएनडब्ल्यूआई को ऐसे व्यक्तियों के रूप में परिभाषित किया गया है जिनकी कुल संपत्ति तीन करोड़ डॉलर या उससे अधिक है।
बुधवार को एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में रियल एस्टेट सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया ने ‘द वेल्थ रिपोर्ट-2024’ जारी करते हुए कहा कि भारत में यूएचएनडब्ल्यूआई की संख्या 2023 में 6.1 प्रतिशत बढ़कर 13,263 हो गई, जबकि इससे पिछले वर्ष यह 12,495 थी।
भारत में यूएचएनडब्ल्यूआई की संख्या के 2028 तक बढ़कर 19,908 होने की उम्मीद है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ”धन सृजन के बदलाव वाले युग में भारत वैश्विक आर्थिक क्षेत्र में समृद्ध और बढ़ते अवसरों के प्रमाण के रूप में खड़ा है। देश में बेहद अमीरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अगले पांच साल में इसमें 50.1 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 90 प्रतिशत भारतीय यूएचएनडब्ल्यूआई की संपत्तियों में 2024 में बढ़ोतरी की उम्मीद है। वहीं 63 प्रतिशत की संपत्तियों के मूल्य में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की उम्मीद है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर अमीरों की संख्या अगले पांच साल में 28.1 प्रतिशत बढ़कर 8,02,891 होने का अनुमान है।
वर्ष 2023 में वैश्विक स्तर पर यूएचएनडब्ल्यूआई की संख्या 4.2 प्रतिशत बढ़कर 6,26,619 हो गई, जो एक साल पहले 6,01,300 थी। यह वृद्धि 2022 में देखी गई गिरावट से कहीं अधिक है।
विभिन्न देशों की बात की जाए, तो तुर्किये में अमीरों की संख्या में सालाना आधार पर सबसे अधिक 9.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके बाद अमेरिका में अमीरों की संख्या 7.9 प्रतिशत, भारत में 6.1 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया में 5.6 प्रतिशत और स्विट्जरलैंड 5.2 प्रतिशत बढ़ी है।
– एजेंसी
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