मुंह में बार-बार छाले होना एक सामान्य लेकिन कष्टदायक समस्या है, जिससे कई लोग दो-चार होते रहते हैं। ऐसे छाले भोजन करते समय दर्द देते हैं, बोलने में दिक्कत पैदा करते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित कर देते हैं। अक्सर लोग इसे सिर्फ मुंह की समस्या मान लेते हैं, लेकिन क्या ये पेट की खराबी का संकेत हो सकते हैं? इस बारे में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विस्तार से बताया है।
मुंह में छाले क्यों होते हैं?
मुंह के छाले या अल्सर का नाम “रैप्टिव अल्सर” (Recurrent Aphthous Stomatitis) है। यह समस्या खासतौर पर मसूड़ों, जीभ या मुंह की भीतरी सतह पर छोटे-छोटे दर्दनाक घाव के रूप में सामने आती है। यह छाले आमतौर पर 7 से 10 दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बार-बार आने पर यह चिन्ता का विषय बन जाते हैं।
मुंह के छालों के मुख्य कारण
पेट की खराबी और पाचन संबंधी दिक्कतें:
अक्सर देखा गया है कि पेट की समस्या जैसे एसिडिटी, गैस, अपच या डाइजेस्टिव सिस्टम की असामान्य स्थिति मुंह में छाले का कारण बन सकती है। कमजोर पाचन तंत्र के कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है, जिससे छाले बढ़ सकते हैं।
पोषण की कमी:
विटामिन B12, आयरन, और फोलिक एसिड की कमी से भी मुंह में छाले हो सकते हैं।
तनाव और मानसिक दबाव:
अत्यधिक तनाव या मानसिक तनाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे मुंह के छाले अधिक होते हैं।
एलर्जी और संवेदनशीलता:
कुछ खाद्य पदार्थ, मसाले, दांतों की ब्रशिंग के दौरान चोट लगना या कोई एलर्जी भी छालों की वजह बन सकती है।
हार्मोनल बदलाव:
महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण भी छाले हो सकते हैं।
इंफेक्शन:
कुछ वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण मुंह में छाले हो सकते हैं।
डॉक्टर क्या कहते हैं?
डॉ. कहती हैं,
“मुंह में बार-बार छाले होना केवल मुंह की समस्या नहीं होती। यह शरीर में कहीं न कहीं असंतुलन या पाचन तंत्र की खराबी का संकेत हो सकता है। खासकर जब ये छाले बार-बार हों, लंबे समय तक ठीक न हों या उनमें कोई बढ़ोतरी हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। उचित जांच से ही सही कारण का पता चलता है और उचित इलाज किया जाता है।”
मुंह के छालों से बचाव और उपचार के उपाय
स्वच्छता का ध्यान रखें:
मुंह की सफाई नियमित और सही तरीके से करें। ब्रश हल्के से और अच्छी क्वालिटी का उपयोग करें।
संतुलित आहार लें:
पोषण की कमी को पूरा करने के लिए आयरन, विटामिन B12, और फोलिक एसिड युक्त आहार खाएं।
तनाव कम करें:
ध्यान, योग और पर्याप्त नींद से तनाव को नियंत्रित करें।
मौखिक घावों पर ध्यान दें:
अगर छाले लंबे समय तक ठीक न हों, दर्द बढ़े, या अन्य लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें।
होम्योपैथिक या आयुर्वेदिक उपचार:
कुछ प्राकृतिक उपाय जैसे तुलसी, नीम, शहद आदि छालों के दर्द और सूजन कम करने में मदद करते हैं।
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